जनसुनवाई में दिव्यांगजनों के जीवन को मिली गतिशीलता की नई सौगात-

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी सोनभद्र-जनसुनवाई में आज संवेदनशीलता और मानवीय सरोकार की एक सुंदर तस्वीर देखने को मिली। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने जनसुनवाई में आए जरूरतमंद दिव्यांगजनों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें आवागमन में सहूलियत प्रदान करने के उद्देश्य से सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड के माध्यम से मोटराइज्ड ट्राई साइकिल उपलब्ध कराई। जनसुनवाई में पहुंचे ग्राम तिरनाही, बिच्छी, रॉबर्ट्सगंज निवासी श्री दीपक पुत्र राजू एवं ग्राम मारकुंडी, रॉबर्ट्सगंज निवासी श्री शशि पुत्र नान्हू, जो दोनों पैरों से दिव्यांग हैं, को जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने मोटराइज्ड ट्राई साइकिल प्रदान की।
मोटराइज्ड ट्राई साइकिल प्राप्त करते ही दोनों लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी और संतोष की झलक दिखाई दी। यह सुविधा उनके लिए केवल आवागमन का साधन ही नहीं, बल्कि अपने दैनिक जीवन को अधिक सहजता और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ाने का माध्यम भी बनेगी। लाभार्थियों ने इस सहयोग के लिए जिलाधिकारी एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने कहा कि दिव्यांगजनों को सम्मान, सुविधा और आत्मनिर्भरता प्रदान करना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। सीएसआर फंड के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही मोटराइज्ड ट्राई साइकिल दिव्यांगजनों की गतिशीलता को बढ़ाने और उन्हें अपने कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भरता कम करने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल शिकायतों को सुनना नहीं, बल्कि जरूरतमंद नागरिकों की समस्याओं का समाधान करते हुए उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना भी है। जिला प्रशासन द्वारा पात्र दिव्यांगजनों को शासन की योजनाओं एवं उपलब्ध संसाधनों से लाभान्वित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में ग्राम कैथी निवासी अनन्या पांडेय पुत्री महेश देव पांडेय, जो रघुकुल अकादमी, चतरा की छात्रा हैं, को जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने साइकिल प्रदान की। साइकिल मिलने पर छात्रा के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। जिलाधिकारी ने छात्रा को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए नियमित रूप से विद्यालय जाने और मन लगाकर अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में आने वाले दिव्यांगजनों एवं अन्य पात्र जरूरतमंदों को उनकी आवश्यकता के अनुसार शासन की योजनाओं एवं जनकल्याणकारी सुविधाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए, ताकि हर जरूरतमंद तक सहायता पहुंचे और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया जा सके।










