शर्मिष्ठा मुखर्जी ने पीएम मोदी के फैसले को सराहा, कहा- यह राष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक

गुरुग्राम, 7 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की ओर से पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के स्मारक के लिए भूमि चिन्हित किए जाने के बाद प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। शर्मिष्ठा ने कहा कि यह उनके परिवार के लिए खुशी का दिन है और उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और भारत सरकार के इस निर्णय को सराहा।

शर्मिष्ठा मुखर्जी ने मंगलवार को आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट करती हूं कि उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के स्मारक के लिए भूमि आवंटित की। यह हमारे परिवार के लिए बहुत ही खुशी का अवसर है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने कभी इस स्मारक की मांग नहीं की थी, क्योंकि उनके पिता प्रणब मुखर्जी हमेशा कहा करते थे कि स्मारक राष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक होता है और इसे नहीं मांगा जाना चाहिए। हमारे परिवार ने कभी इस संबंध में कोई मांग नहीं की थी, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के इस कदम से हम बहुत खुश हैं।

शर्मिष्ठा मुखर्जी ने मनमोहन सिंह के लिए कांग्रेस द्वारा किए गए स्मारक की मांग का समर्थन करते हुए इसे पूरी तरह से जायज बताया। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह के लिए मेमोरियल की मांग करना बिल्कुल उचित है। केंद्र की सरकार ने कांग्रेस की इस मांग को मान लिया है, तो फिर विवाद कहां है?

राहुल गांधी पर तंज कसते हुए शर्मिष्ठा ने कहा कि राहुल गांधी अपनी विदेश यात्रा कुछ दिन के लिए स्थगित कर सकते थे। अगर वह एक साल तक अपने न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए विदेश नहीं जाते तो क्या कोई बड़ी समस्या आ जाती? जब पूरे देश में मनमोहन सिंह के निधन पर शोक मनाया जा रहा था, तब राहुल गांधी को मनमोहन सिंह के पर‍िवार के साथ खड़ा रहना चाहिए था।

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प्रणब मुखर्जी के निधन पर कांग्रेस की चुप्पी को लेकर शर्मिष्ठा ने पार्टी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मेरे पिता के निधन के बाद कांग्रेस की ओर से कोई शोक संदेश क्यों नहीं आया? सोनिया गांधी ने व्यक्तिगत रूप से शोक जताया, लेकिन कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक शोक संदेश जारी नहीं किया गया। शर्मिष्ठा ने यह भी पूछा कि अगर कोरोना महामारी के कारण कांग्रेस शोक बैठक आयोजित नहीं कर पाई, तो क्या ऑनलाइन ज़ूम के माध्यम से शोक बैठक आयोजित नहीं की जा सकती थी?

बता दें कि भारत के सबसे सम्मानित राजनीतिक हस्तियों में से एक भारत के 13वें राष्ट्रपति दिवंगत प्रणब मुखर्जी के स्मारक की स्थापना के लिए केंद्र सरकार ने आधिकारिक तौर पर हरी झंडी दे दी है। पूर्व राष्ट्रपति का स्मारक बनाने के लिए केंद्र सरकार ने ‘राष्ट्रीय स्मृति’ परिसर के भीतर एक स्थल को मंजूरी दी है। यह मुखर्जी की स्थायी विरासत और देश के राजनीतिक क्षेत्र में उनके योगदान का सम्मान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह राष्ट्रीय स्मारक राष्ट्र के प्रति प्रणब मुखर्जी के महान योगदान के प्रति श्रद्धांजलि के रूप में कार्य करेगा तथा यह सुनिश्चित करेगा कि उनकी विरासत भावी पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

–आईएएनएस

पीएसके/सीबीटी

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