सेविकाओं ने एजेंसी पर लगाया आरोप, रेडी टू ईट का पैकेट समय पर नहीं दिया जा रहा है।

पोषाहार को दूसरे पैकेट में भरकर बेचा जाता है बाजार में , जांच कर कार्रवाई करने की लोगों ने कि मांग 

मीडिया हाउस न्युज एजेंसी गोमिया। सरकार द्वारा गर्भवती व धात्री महिलाओं तथा लड़कियों के पोषण के लिए वितरित किया जाने वाला रेडी टू ईट पैकेट अब चोर बाजार की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। बोकारो जिले के विभिन्न प्रखंडों गोमिया, पेटरवार, कसमार, जरीडीह, बेरमो, चंद्रपुरा, नावाडीह, चास, चास ग्रामीण, चंदनकियारी और बोकारो में रेडी टू ईट वितरण में सेविकाएं भारी गड़बड़ी शिकायत की है।
गोमिया प्रखंड की आंगनबाड़ी सेविकाओं ने आरोप लगाया है कि एजेंसी द्वारा रेडी टू ईट के पैकेट समय पर नहीं दिए जा रहे हैं। अभी हाल ही में उन्हें दिसंबर महीने का पैकेट प्राप्त हुआ है, जबकि जनवरी से मई तक के पैकेट अब तक नहीं दिए गए हैं।
उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में और भी गंभीर स्थिति
गोमिया के उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों, विशेष रूप से झुमरा पहाड़ के सुदूरवर्ती आंगनबाड़ी केंद्रों में, रेडी टू ईट पैकेट नहीं पहुंचाए जाते। संवेदक केवल एक जगह पर पैकेट रख कर चले जाते हैं, जिससे सेविकाओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
सरकारी मंशा को पलीता सरकार की मंशा है कि गर्भवती और धात्री महिलाओं को ताजा व पोषणयुक्त आहार उपलब्ध कराया जाए ताकि वे कुपोषण से मुक्त रह सकें। लेकिन संवेदकों की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण न समय पर, न ताजा और न ही मानक के अनुसार पैकेट दिए जा रहे हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सेविकाओं को कम पैकेट देकर बचाए गए पोषाहार को दूसरे पैकेट में भरकर बाजार में बेच दिया जाता है, जिससे लाखों रुपये की अवैध कमाई की जा रही है। यदि इस मामले की गहराई से जांच की जाए तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग से मांग की जा रही है कि रेडी टू ईट वितरण प्रणाली की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि जरूरतमंद महिलाओं और लड़कियों को उनका हक मिल सके।

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