‘वर्क इन प्रोग्रेस है’ अर्थात काम अभी जारी है.! विषय भी स्पष्ट, लक्ष्य भी..

लखनऊ-बीजेपी ने साफ कर दिया कि बीजेपी के लिए हिन्दुत्व और राम मंदिर अगले चुनाव में बड़ा मुद्दा होगा। जहां तक जातियों का सवाल है, तो बीजेपी सभी जातियों के लोगों को साथ लेकर चलेगी। बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के लिए अपना अभियान शुरू कर दिया है। स्वर्गीय कल्याण सिंह की दूसरी पुण्यतिथि पर अलीगढ़ में आयोजित रैली में विषय भी स्पष्ट था और लक्ष्य भी। पार्टी ने हिन्दू गौरव दिवस का आयोजन किया। इस मौके पर बीजेपी ने एक मंच पर सभी जातियों के नेताओं को इकट्ठा किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्रिमंडल के तमाम सदस्यों के अलावा, दिल्ली से गृह मंत्री अमित शाह और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, संजीव बालियान और बी. एल. वर्मा भी पहुंचे।

योगी आदित्यनाथ ने यूपी में कानून और व्यवस्था की स्थिति में जबरदस्त सुधार किया है। लोग अपने आप को सुरक्षित महसूस करते हैं, लोग चैन की जिंदगी जीते हैं। इसका असर आर्थिक विकास पर भी पड़ा है।

अमित शाह ने कहा कि कल्याण सिंह के सारे सपने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरे किए हैं। कल्याण सिंह चाहते थे कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो, वो हो रहा है। कल्याण सिंह पिछड़े वर्ग को उनका हक देना चाहते थे, नरेन्द्र मोदी वही काम कर रहे हैं। अमित शाह ने कहा कि कल्याण सिंह ने पहली बार बीजेपी को यूपी में 80 में से 73 सीटें जितवाईं, अब 2024 में यूपी की सभी 80 सीटों पर बीजेपी को जिताना है। यही कल्याण सिंह को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उत्तर प्रदेश से बीजेपी को सबसे ज्यादा उम्मीद है। पार्टी को लगता है कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी पिछली बार के मुकाबले ज्यादा सीटें जीतेगी। पिछले चुनाव में एनडीए को 64 सीटें मिली थी। इस बार स्थिति सुधरेगी। बीजेपी के विरोधी भी मानते हैं कि यूपी में बीजेपी 70 से 75 तक सीटें जीत सकती है।
इसकी दो बड़ी वजह है। एक, योगी आदित्यनाथ ने यूपी में कानून और व्यवस्था की स्थिति में जबरदस्त सुधार किया है। लोग अपने आप को सुरक्षित महसूस करते हैं, लोग चैन की जिंदगी जीते हैं। इसका असर आर्थिक विकास पर भी पड़ा है। पहले लोग यूपी में पूंजी लगाने में डरते थे, अब यूपी निवेशकों के लिए आकर्षक स्थल बनता जा रहा है। दूसरी वजह है, राम मंदिर का निर्माण। 600 साल के बाद हिंदुओं की आस्था का प्रतीक राम मंदिर भगवान राम के जन्मस्थान पर बनकर तैयार हो रहा है। प्रधानमंत्री जनवरी में इसे देश को समर्पित करेंगे। इसका भावनात्मक असर होगा। इसीलिए अमित शाह और योगी ने बार-बार राम मंदिर का जिक्र किया। यूपी में बीजेपी ने तीसरा काम किया है, अगड़ी पिछड़ी दलित सभी जातियों को एकजुट करने का। अमित शाह और योगी आदित्यनाथ ने मिलकर जातिगत समीकरणों को काफी हद तक दुरुस्त किया है। पर ये ‘वर्क इन प्रोग्रेस है’, अर्थात काम अभी जारी है। (लेख: शाश्वत तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार, यूपी)

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