एआईपीएफ के दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में सोनभद्र की सविता गोंड बनी राष्ट्रीय सचिव

Media House सोनभद्र-ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के नई दिल्ली में 7-8 दिसंबर को आयोजित हुए दो दिवसीय अधिवेशन में रासपहरी, म्योरपुर की सविता गोंड को राष्ट्रीय सचिव चुना गया। इसके अलावा कृपाशंकर पनिका को राष्ट्रीय कार्य समिति में और बभनी के इंद्रदेव खरवार को अखिल भारतीय फ्रंट कमेटी का सदस्य चुना गया। अधिवेशन में एक बार पुन: एस. आर. दारापुरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। इसके अलावा अन्य पदाधिकारी और कार्यकारिणी सदस्यों का भी चुनाव हुआ है। सम्मेलन में लिए राजनीतिक प्रस्ताव में कहा गया कि हिंदुत्व-कॉर्पोरेट गठजोड़ की तानाशाही के खिलाफ देश में एक साझा राजनीतिक मंच वक्त की जरूरत है। जिसे अधिवेशन में आए मार्क्सवादी, गांधीवादी, अंबेडकरवादी और समाजवादी धारा के लोगों और लोकतंत्र पसंद नागरिकों ने भी स्वीकार किया। इस संबंध में शीघ्र ही राष्ट्रीय अभियान समिति बनाने का निर्णय भी अधिवेशन में लिया गया।

अधिवेशन में कहा गया कि युवाओं और महिलाओं के सशक्तिकरण, भेदभाव के शिकार दलित, आदिवासी, अति पिछड़े, पसमांदा मुसलमान और महिलाओं का प्रतिनिधित्व और संसाधनों पर अधिकार, उच्च धनिक खरबपतियों की संपत्ति पर टैक्स लगाकर रोजगार, शिक्षा-स्वास्थ्य, भोजन और सम्मानजनक पेंशन के संवैधानिक अधिकार को सुनिश्चित करना, विज्ञान, तकनीकी पर और शिक्षा-स्वास्थ्य पर बजट बढ़ाना, पर्यावरण की हर हाल में रक्षा और जलवायु परिवर्तन कार्यवाही करने जैसे महत्वपूर्ण सवालों पर देश की लोकतांत्रिक ताकतों के साथ मिलकर राष्ट्रीय पहल लेने का निर्णय हुआ। अधिवेशन में अर्थशास्त्री अरुण कुमार ने मांग पत्र पेश किया और भविष्य में देश में पहल लेने की अपील की। गांधीमार्गी आचार्य शुभमूर्ति की अध्यक्षता में अध्यक्ष मंडल का गठन किया गया। अधिवेशन में बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, उडिसा, तमिलनाडु, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और हरियाणा से प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अधिवेशन का समापन करते हुए एआईपीएफ के संस्थापक सदस्य अखिलेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि देश में जो हिंदुत्व की तानाशाही सामने आ रही है, उसकी प्रेरक शक्ति ग्लोबल फाइनेंस कैपिटल है। मौजूदा विपक्ष को इसके विरुद्ध खड़ा होना होगा। हमारा उद्देश्य राज्य का लोकतांत्रिकरण करना है। एक नए लोकतांत्रिक मंच की जरूरत सभी लोग महसूस कर रहे हैं और एआईपीएफ का अधिवेशन इस दिशा में पहला कदम साबित होगा।

दिव्या है मां वैष्णो मदिर.! साक्षात विराजमान है माता रानी-स्वामी श्री सत्यप्रज्ञा नंद सरस्वती 

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