डाला-फर्जी एवं गुमराह कर.! बैगाहट ढाबा का निर्माण, खाली करने से किया मना, जान से मारने की दी धमकी-केशव बैगा
जमीन वनाधिकार पट्टा से मिला था, जमीन खेती के लिए दिया गया था, न कि ढाबा खोलने के लिए.!

Media House डाला सोनभद्र-जमीन वनाधिकार पट्टा से मिला था, जमीन खेती के लिए दिया गया था, न कि ढाबा खोलने के लिए, हमारे नाम फर्जी लाइसेंस बनवा लिये, जब मना किया तो जान से मारने की धमकी देने लगे यही गरीबों के साथ न्याय है केशव बैगा ने कहा.! केशव बैगा पुत्र शिवमूरत बैगा ग्राम कोटा निवासी ने बताया कि हमें व हमारी पत्नी गुलपतिया बैगा, आराजी नंबर-2826मी में वनाधिकार अधिनियम 2006 के तहत 0.900 हेक्टेयर का पट्टा डाला चढ़ाई पर मिला था। भू-माफिया कमला पति पुत्र रघुनाथन, निवासी-ग्राम-परही मधुपुर ने दिनांक 20/06/ 2023 को हमें व हमारी पत्नी को गुमराह करके रजिस्टर्ड इकरार नामा करा लिया था और हमारे नाम से बैगा हट ढाबा खोलकर, हमारे नाम से लाइसेंस बनवा लिये थे। जब हमें पता चला तो हम कमला पति के पास जाकर पूछा कि आप हमसे खेती के नाम पर एग्रीमेंट कराये थे और अपने ढाबा खोल लिया, बिना हमे बताएं हमारे नाम आप लाइसेंस बनवा लिये हम गरीब अनपढ़ अनुसूचित जनजाति जाति का व्यक्ति सरकार को कहां से टैक्स दे पाएंगे। इस बात को लेकर कमला पति से बात किया तो कमला पति हम पर गुस्से में आकर मारने पीटने लगे, जाति सूचक गालियां देते हुए कहा कि यहां से भाग जाओ, नहीं तो तुम्हें व तुम्हारी पत्नी को जान से मारकर फेक देंगे, तुम हमे एग्रीमेंट कर चुके हो, हम चाहे ढाबा खोलें या खेती करें तुम से क्या मतलब है, यहां से भाग जाओ। साथ ही कमला पति ने चोपन थाने में लिखित दिया था कि हम आपके जमीन का 10 हजार रुपए प्रतिमा भाड़ा देंगे, 2 महीने देने के बाद अब पूरी तरह से भाड़ा देने से भी मना कर दिया हैं। इस बात की शिकायत सक्षम अधिकारियों को प्रार्थना पत्र के माध्यम से कई बार पत्रक दिए जाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है न ही ढाबा को खाली कराया गया। इस संदर्भ में समाज कल्याण राज्य मंत्री, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग,उपजिलाधिकारी ओबरा, थाना चोपन को पत्र देते हुए न्याय की गुहार लगाई है किंतु आज तक कोई भी कार्यवाही नही हुई।











