विकसित भारत -जी राम जी से सशक्त हो रहे गांव, सुविधाओं और रोजगार को मिल रही नई गति-केशव प्रसाद मौर्य

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी लखनऊ-उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि विकसित भारत -जी राम जी योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, रोजगार सृजन, जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन और सुनियोजित विकास को नई गति मिल रही है । योजना के अंतर्गत ऐसे कार्यों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिनसे गांवों में आधारभूत सुविधाएं मजबूत हों, ग्रामीणों का जीवन सुगम बने और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप टिकाऊ विकास सुनिश्चित किया जा सके।

श्री मौर्य ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए सरकारी भवनों को दिव्यांगजनों के अनुकूल बनाना महत्वपूर्ण है। इस योजना के अंतर्गत मूल ग्रामीण अवसंरचना श्रेणी में सरकारी भवनों में दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए सीढ़ियों एवं रैंप का निर्माण अनुमन्य है। इससे दिव्यांगजनों को सरकारी भवनों तक पहुंचने तथा विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा मिलेगी। यह व्यवस्था सुगम आवागमन के साथ समान अवसर और समावेशी विकास की भावना को भी मजबूत करेगी।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा के समय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस योजना के अंतर्गत अति विषम मौसमी घटनाओं एवं आपदा सुसज्जता से संबंधित कार्यों के तहत बाढ़ राहत आश्रयों का निर्माण अनुमन्य है। इससे बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने और आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था करने में मदद मिलेगी। आपदा के प्रति ग्रामीण क्षेत्रों की तैयारी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।

महाकुम्भ 2025- प्रतिदिन औसतन 1.44 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई संगम में डुबकी *- महाकुम्भ के शुभारंभ से लेकर 09 फरवरी

श्री मौर्य ने कहा कि जल संरक्षण ग्रामीण विकास का महत्वपूर्ण आधार है। गांवों में अमृत सरोवरों के माध्यम से वर्षा जल के संचयन, जल उपलब्धता में सुधार और पर्यावरणीय संतुलन को बढ़ावा मिल रहा है। अमृत सरोवर केवल जल संरक्षण के केंद्र ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों के सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजनों और सामुदायिक सहभागिता के महत्वपूर्ण स्थल भी बन रहे हैं। इनके विकास से जल संसाधनों के संरक्षण के साथ ग्रामीण परिवेश को बेहतर बनाने और गांवों को अधिक उपयोगी एवं जीवंत बनाने में सहायता मिलती है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ गांवों में उपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण करना विकास की ऐसी प्रक्रिया है, जिससे आजीविका और आधारभूत सुविधाओं, दोनों को मजबूती मिलती है। इस योजना के अंतर्गत रोजगारपरक कार्यों के माध्यम से ग्रामीण श्रमिकों के परिश्रम को गांवों की प्रगति से जोड़ा जा रहा है। इससे ग्रामीण परिवारों की आजीविका को संबल देने के साथ सड़क, जल संरक्षण और अन्य अनुमन्य ग्रामीण विकास कार्यों के माध्यम से स्थानीय जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि गतिविधियों को मजबूती देने के लिए जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन आवश्यक है। इस योजना के अंतर्गत मुख्य नहरों के निर्माण, मरम्मत एवं रखरखाव से संबंधित अनुमन्य कार्यों के माध्यम से जल की उपलब्धता और सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी। इससे कृषि कार्यों के लिए पानी की पहुंच सुगम करने, जल संसाधनों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल प्रदान करने में मदद मिलेगी।

श्री मौर्य ने कहा कि ग्रामीण विकास की योजनाओं को स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों और उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों के अनुरूप तैयार करना समय की आवश्यकता है। इस योजना के अंतर्गत युक्तधारा प्लेटफॉर्म डिजिटल मानचित्रण के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की बेहतर योजना बनाने में उपयोगी है। इस प्लेटफॉर्म पर जल, भूमि और आधारभूत संरचनाओं सहित विभिन्न संसाधनों से संबंधित उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर स्थानीय आवश्यकताओं की पहचान करने और उपयुक्त कार्यों को प्राथमिकता देने में मदद मिलती है। इससे विकास कार्यों के चयन एवं नियोजन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने को प्रोत्साहन मिलता है।

विधानसभा सत्र-मुख्यमंत्री ने महिला एवं बाल सुरक्षा के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी पर किया बड़ा प्रहार

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास का उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि गांवों को सुरक्षित, सुविधाजनक, रोजगारपरक और आत्मनिर्भर बनाना भी है। इस योजना के अंतर्गत अनुमन्य कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण अवसंरचना को मजबूती मिलेगी, जल एवं प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होगा और गांवों में विकास की संभावनाओं को विस्तार मिलेगा। समावेशी विकास, स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति और ग्रामीण जनजीवन में सकारात्मक बदलाव के माध्यम से विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को और मजबूती मिलेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *