??? प्रमुख मोहन भागवत जी का अब बस यही कहना कि “दलितों-पिछड़ों का आरक्षण खत्म होगा तभी देश को असल मायनों में आजादी मिलेगी”, बाक़ी रह गया है।

मीडिया हाऊस न्यूज एजेंसी ??? प्रमुख मोहन भागवत जी का अब बस यही कहना कि “दलितों-पिछड़ों का आरक्षण खत्म होगा तभी देश को असल मायनों में आजादी मिलेगी”, बाक़ी रह गया है।

उनके इस कथन से कि देश को असल स्वतंत्रता ???? में ही मिली है। ??? प्रमुख ने आज़ादी के करोड़ों मतवालों, दीवाने देशभक्तों, असंख्य शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों का घोर अपमान किया है। संघ के लोगों का स्वतंत्रता संग्राम में अपना कोई योगदान नहीं था इसलिए ये अब बाकियों के योगदान को खत्म करने के नए प्रपंच रच रहे हैं। इनका संगठन तो स्वयं अंग्रेजों का दलाल और मुख़बिर रहा है।

दलितों-पिछड़ों, मेहनतकश एवं कृषक वर्गों के ऐतिहासिक योगदान को कमतर करना ही ??? का हमेशा से उद्देश्य रहा है। मोहन भागवत जी, देश गुलामी की तरफ़ अग्रसर है क्योंकि डॉलर के मुकाबले रुपया सर्वकालिक निम्नस्तर पर है, उस पर ध्यान दिजीए।

मोहन भागवत जी बताएँ कि:-

?. देश के बहुसंख्यक दलितों-पिछड़ों को असल आजादी कब मिलेगी?
?. दलित-पिछड़ा से घृणा करने वाले ??? वर्ष पुराने संगठन ??? के कर्ता-धर्ता बताए कि आज तक कोई दलित पिछड़ा ??? का प्रमुख क्यों नहीं बना?
?. महिला ??? प्रमुख क्यों नहीं बनी?
?. जातिगत जनगणना कब होगी?
?. दलितों-पिछड़ों का आरक्षण उनकी आबादी के अनुपात में कब बढ़ेगा?

मीडिया अध्ययन विभाग में डिजिटल मीडिया पर विशेष व्याख्यान का आयोजन

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