जेवरात की लूट की घटना में संलिप्त 1अभियुक्त गिरफ्तार, कब्जे से लूटे गए आभूषण बरामद

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी सोनभद्र-पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) एवं क्षेत्राधिकारी पिपरी के निर्देशन में तथा थानाध्यक्ष शक्तिनगर कमल नयन दूबे के नेतृत्व में थाना शक्तिनगर पुलिस को लूट के एक वांछित अभियुक्त की गिरफ्तारी में सफलता प्राप्त हुई है। उक्त क्रम में थाना शक्तिनगर पर पंजीकृत मु0अ0सं0–191/2025, धारा 309(4), 317(2) से संबंधित लूट के अभियोग में वांछित अभियुक्त को दिनांक 21.12.2025 को समय 06:50 बजे मुखबिर की सूचना के आधार पर कोटा बोट प्वाइंट तिराहा से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त रोहित पुत्र राजेश राम, उम्र लगभग 19 वर्ष, निवासी बस स्टैण्ड काली मंदिर, शक्तिनगर,अभियुक्त के कब्जे से लूटे गए आभूषण गुलाबी रंग की पन्नी में बरामद किए गए, जिन्हें खोलकर देखने पर निम्नलिखित सामग्री प्राप्त हुई
* 06 पीस पायल (चांदी की)
* 09 पीस बिछिया (चांदी की)
* 01 पीस लॉकेट (हनुमान जी छाप, चांदी का)
* 01 पीस बच्चों के हाथ का कंगन (चांदी का)
* 01 अदद एंड्रॉयड मोबाइल फोन (ओप्पो कंपनी, लाल रंग)
बरामदशुदा माल की अनुमानित कीमत लगभग ₹1,50,000/- (एक लाख पचास हजार रुपये) है। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभियुक्त द्वारा बताया गया कि दिनांक 15.11.2025 को बस स्टैण्ड काली मंदिर, शक्तिनगर क्षेत्र में एक सोनार से हुई लूट की घटना में यह आभूषण उसके हिस्से में आए थे। उक्त घटना को अभियुक्त द्वारा अपने साथियों रोशन, साजन एवं सोनू के साथ मिलकर अंजाम दिया गया था। अभियुक्त ने बताया कि उसने सोनार की दुकान बंद होने के बाद उसके घर जाने की लोकेशन अपने मोबाइल फोन से अपने साथियों को साझा की थी, जिसके उपरांत उसके साथियों द्वारा असलहे के बल पर सोनार से आभूषणों से भरा बैग लूट लिया गया था। घटना के पश्चात सभी आरोपी पैदल गली मार्ग से अपने-अपने घर चले गए थे।
अभियुक्त ने यह भी बताया कि बाद में रोशन एवं सोनू द्वारा दिनांक 29.11.2025 को नगर उटारी, जिला गढ़वा में इसी प्रकार की लूट की घटना को अंजाम दिया गया था, जिसमें गोली चलने की बात भी सामने आई है। बरामद माल को अभियुक्त द्वारा बेचने की फिराक में रखा गया था। गिरफ्तारी एवं बरामदगी के पश्चात अभियुक्त के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए माननीय न्यायालय के समक्ष चालान किया गया।










