अखनूर में 9वें सशस्त्र बल वेटरंस डे कार्यक्रम का आयोजन, पूर्व सैनिकों ने की सरकार की तारीफ

जम्मू, 14 जनवरी (आईएएनएस)। जम्मू कश्मीर स्थित अखनूर के टांडा आर्टिलरी ब्रिगेड में मंगलवार को 9वें सशस्त्र बल वेटरंस डे कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सैनिकों के योगदान की सराहना की।

कर्नल जितेंद्र सिंह ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “यह सराहनीय है कि पूर्व सैनिकों को प्रोत्साहित करने के लिए रक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री और एलजी एक साथ आए। हमें उम्मीद है कि हमारी कई लंबित योजनाओं को अब मंजूरी दी जाएगी। जब सैनिक रिटायर हो जाते हैं या दिव्यांग हो जाते हैं तो उन्हें घर भेज दिया जाता है। सरकार के लिए यह अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण है कि वह आगे आए और उन्हें लाभ या नौकरी दिलाने में सहायता करे।”

उन्होंने सामाजिक विकास के लिए गांवों में रहने वाले सेवानिवृत्त सैनिकों के संभावित योगदान पर भी जोर दिया। साथ ही उन्होंने कश्मीर मुद्दे को हल करने में पाकिस्तान के प्रतिरोध पर टिप्पणी की और उन्होंने देश के स्वार्थी उद्देश्यों को इसका कारण बताया।

सैनिक कल्याण के निदेशक गुरमीत सिंह शान ने इस कार्यक्रम को रक्षा मंत्रालय की एक बेहतरीन पहल बताया। उन्होंने आईएएनएस से कहा, “इस तरह के बड़े पैमाने पर वेटरंंस डे कार्यक्रम का आयोजन निश्चित रूप से पूर्व सैनिकों के मनोबल को बढ़ाएगा।”

इसके अलावा एक अन्य पूर्व सैनिक ने किसी भी मुद्दे को हल करने के रक्षा मंत्री के आश्वासन की सराहना की। उन्होंने आतंकवाद को पाकिस्तान के निरंतर समर्थन के खिलाफ भारत के दृढ़ रुख को दोहराया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान अपना रास्ता बदलने में विफल रहता है तो भारत के पास विकल्प खुले हैं।

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सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर विजय सागर ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, ” वेटरंस डे कार्यक्रम एक अच्छी पहल है। आज के कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आश्वासन दिया है कि जो भी कमी होगी, उसे पूरा कर लिया जाएगा।”

इससे पहले दिन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 9वें सशस्त्र बल वेटरंंस डे कार्यक्रम को संबोधित किया था। उन्होंने सैनिको के योगदान की सराहना की और युद्ध नायकों को श्रद्धांजलि दी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “वेटरंंस डे के अवसर पर आज अखनूर में आप सबके बीच आना मेरे लिए बड़ी खुशी की बात है। मैं यहां उपस्थित, हमारे वेटरंंस, आप सभी साथियों और आपके परिवारजनों को मकर संक्रांति की ढेर सारी शुभकामनाएं देता हूं। ऐसा माना जाता है कि खिचड़ी का दिन अपने परिवार वालों के साथ मनाया जाना चाहिए। आज मैं अपनी लार्जर फैमिली, यानी अपने वेटरंस के साथ संक्रांति का पर्व मनाने आया हूं।”

उन्होंने आगे कहा, “आप सभी वेटरंंस अच्छी तरह जानते हैं कि 2025 का यह वर्ष 1965 में हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध का डायमंड जुबली ईयर (हीरक जयंती वर्ष) है। इसी अखनूर में 1965 की बेहद अहम लड़ाई लड़ी गई थी। पाकिस्तान की फौज ने ऑपरेशन ग्रैंड स्लैम के नाम से जो नापाक कोशिश इस अखनूर में की थी, उसे भारतीय सेना ने न केवल विफल किया, बल्कि एक नया मोर्चा खोलकर और आगे बढ़ कर लाहौर तक पहुंचने में भी कामयाबी हासिल की।”

बता दें कि इस कार्यक्रम में रक्षा प्रमुख (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान एक विरासत संग्रहालय का भी उद्घाटन किया गया। साथ ही अखनूर सीमा क्षेत्र में 108 फुट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज भी फहराया गया।

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–आईएएनएस

एफएम/सीबीटी

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