राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए सभी नदी थानों को खासतौर से सख्त बनाया जा रहा

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी 13ता.बिहार | राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए सभी नदी थानों को खासतौर से सख्त बनाया जा रहा है. बिहार में नदी के पास वाले इलाकों में मादक पदार्थों की तस्करी सबसे ज्यादा होती है. इसमें गंगा और सोन से सटे इलाके मसलन बक्सर, आरा, फतुहा, बख्तियापुर समेत अन्य शामिल हैं. यह जानकारी ईओयू के एडीजी नैयर हसनैन खान ने ईओयू सभागार में प्रेसवार्ता में दी.उन्होंने कहा कि बेनामी खाते से या क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से पैसे का लेन-देन और तस्करी में डार्क नेट का उपयोग जैसे हथकंडे तस्कर आजमाने लगे हैं. इन पर नकेल कसने के लिए साइबर नेटवर्क पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है. इन दिनों रासायनिक ड्रग्स की खपत या चलन भी तेजी से बढ़ी है.एडीजी ने बताया कि तस्करी के मामले में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन पिछले वर्ष की तुलना में ये कम हुए हैं. 2020-21 में 16 मामले दर्ज हुए थे, 2021-22 में 40 और 2022-23 में 33 मामले दर्ज हुए. पिछले वर्ष 29 तस्करों की गिरफ्तारी हुई थी. इस वर्ष अब तक 3 गिरफ्तार हुए और 121 किलो गांजा और अफीम की बरामदगी हुई है. इस मौके पर एसपी सुशील भी मौजूद थे.

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