बिहार के हर चौक-चौराहे पर शराब की दुकाने खुलवाने वाले मुख्यमंत्री महात्मा बनने का ढोंग कर रहे, तेजस्वी यादव

पटना मीडिया हाऊस 19ता.संवाददाता।* बिहार के हर चौक-चौराहे पर शराब की दुकाने खुलवाने वाले तथा शराबबंदी के नाम पर जहरीली शराब से हजारों जाने लेने वाले मुख्यमंत्री अब महात्मा बनने का ढोंग कर रहे है। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने अपने शुरू के ?? वर्षों में बिहार में शराब की खपत बढ़ाने के हर उपाय किए और अब अवैध शराब बिकवाने के हर उपाय कर रहे है। क्या मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार मेरे इन तथ्यों को झुठला सकते है?

✅ ????-?? में बिहार के ग्रामीण इलाकों में ??? से भी कम शराब की दुकानें थीं, लेकिन ????-?? में उनके शासन में यह बढ़कर ?,??? हो गई।

✅ ????-?? में पूरे बिहार में लगभग ???? शराब की दुकानें थीं जो ????-?? में बढ़कर ???? से अधिक हो गईं।

✅ ???? से ???? यानि ?? साल में बिहार में सिर्फ ???? दुकानें ही खुलीं लेकिन ???? से लेकर ???? तक नीतीश जी ने ?? साल में इसे दोगुना कर ???? कर दिया। ?? साल में बिहार में हर साल औसतन ?? दुकानें खोली गईं, लेकिन ????-?? के ?? साल नीतीश राज में हर साल औसतन ??? दुकानें खुलीं।

मुख्यमंत्री के ध्यानार्थ शराबबंदी के बाद के भी कुछ तथ्य सांझा कर रहा हूँ।
? नीतीश जी की तथाकथित शराबबंदी के बाद भी स्थिति इतनी बदतर है कि एक आंकड़े के अनुसार बिहार में हर दिन औसत ??? से ज्यादा लोगों की शराब से जुड़े मामलों में गिरफ्तारी होती है तथा बिहार पुलिस व मद्य निषेध विभाग की ओर से प्रदेश में हर दिन करीब ???? छापेमारी होती है यानि औसत हर घंटे ??? छापेमारी होती है। इसका अर्थ है बिहार पुलिस और मद्य निषेध विभाग हर महीने लगभग ? लाख तथा प्रतिवर्ष ?? लाख जगह छापेमारी करता है लेकिन इसके बाद भी अवैध शराब का काला काराबोर बदस्तूर जारी है। इसका एक आशय यह भी है कि ज़ब्त शराब को बाद में जेडीयू नेताओं, शराब माफिया और पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत से बाजारों में बेच दिया जाता है।
? शराबवंदी के बाद भी एक आंकड़े के अनुसार राज्य में लगभग ? करोड़ ?? लाख लीटर से अधिक अवैध देशी और विदेशी शराब पकड़ी जा चुकी है। ये कौन लोग है और किसके अनुमति से शराबबंदी के बाबजूद भी अपना कारोबार चला रहे है?
? सरकारी आंकड़ों के अनुसार शराबबंदी के उल्लंघन ?.?? लाख मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें कुल ??.? लाख लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। इन ??.? लाख लोगों में ??% दलित और दूसरे वंचित जातियों के लोग थे, शराबबंदी के नाम पर सबसे ज्यादा शोषण इन्ही वंचित जातियों के साथ क्यों किया जा रहा है?
? शराबबंदी नीतीश कुमार के शासन का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार है। बिहार में शराब के नाम पर अवैध कारोबार के रूप में लगभग ?? हजार करोड़ की समानांतर अर्थव्यवस्था चलाया जा रहा है, जिसका सीधा फ़ायदा जेडीयू पार्टी और उसके नेताओं को मिल रहा है।

बीपीएससी मुद्दे पर छात्रहित में सांसद पप्पू यादव ने की मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा से मुलाक़ात

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *