कोयंबटूर : 'स्वयं को बदलने से शुरू होता है दुनिया बदलने का रास्ता', ईशा फाउंडेशन के कार्यक्रम में बोले अमित शाह

कोयंबटूर, 26 फरवरी (आईएएनएस)। महाशिवरात्रि के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित ईशा फाउंडेशन द्वारा आयोजित भव्य भक्ति कार्यक्रम में शामिल हुए और मिट्टी के प्रति लोगों को जागरूक करने के उसके प्रयास की सराहना की।

अमित शाह ने कहा, “संसार को बदलने का रास्ता स्वयं को बदलने से ही शुरू होता है। मैं आपके मिट्टी बचाओ अभियान (सेव सॉइल कैंपेन) से जुड़ा था। आपने हमारी सबसे अमूल्य धरोहर, हमारी मिट्टी के लिए पूरे देश भर में संस्कार जगाया और पूरे विश्व को पर्यावरण का एक सुंदर संदेश भेजने का काम किया है। मैं सद्गुरु को बड़ी विनम्रता से कहना चाहता हूं कि आप पूरे राष्ट्र की संपत्ति के रूप में दुनिया के सामने उभर कर आए हैं।”

अमित शाह ने कहा कि सद्गुरु ने ‘आदि योगी’ के माध्यम से योग को एक नया रूप देने का काम किया और पीएम मोदी ने विश्व योग दिवस मना कर पूरी दुनिया को योग के लिए आकर्षित करने का काम किया है।

अमित शाह ने सद्गुरु को संबोधित करते हुए कहा कि आपने यह जो स्थान बनाया है, जहां हम सब आज बैठे हैं, वह केवल एक तीर्थ स्थल नहीं है, बल्कि योग, साधना, भक्ति, आत्मचिंतन और मुक्ति का केंद्र बनकर आज पूरे विश्व में उभरा है। ईशा योग केंद्र ने योग और ध्यान के माध्यम से करोड़ों-करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक सोच तथा सकारात्मक दिशा का उद्भव करने का काम किया है। ‘आदि योगी’ की यह 112 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा हमें अपनी आध्यात्मिक यात्रा के 112 मार्गों की अनुभूति और परिचय दोनों कराती है। हमें यहां आकर ही मालूम पड़ता है कि जीवन का अंतिम लक्ष्य शिवत्व की प्राप्ति करना है।

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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने सद्गुरु के शिवरात्रि महोत्सव के बारे में बहुत सुना था। लेकिन “आज मैं यहां आया हूं, तब मैं निश्चित रूप से पूरे विश्व को कहना चाहता हूं, यह अद्भुत है, अकल्पनीय है, अवर्णनीय है”।

उन्होंने कहा कि तीर्थ स्थान की रचना में सद्गुरु ने विज्ञान और अध्यात्म को साथ में लाकर यह सिद्ध किया है कि ध्यान, ऊर्जा और चेतना की अवस्थाएं अंधविश्वास नहीं हैं, परंतु मूलभूत विज्ञान है। आपने सभी को यह अनुभूति कराई है कि शिव ही शाश्वत है, शिव ही चेतना है और शिवत्व को जागृत करने का यही एक रास्ता है।

–आईएएनएस

एफजेड/एकेजे

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