चुनाव आयोग ने 4 राज्यों के 373 जमीनी स्तर के चुनाव अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू किया

मीडिया हाउस न्यूज एजेन्सी नई दिल्ली-नई दिल्ली स्थित भारतीय अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं चुनाव प्रबंधन संस्थान (आईआईआईडीईएम) में बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) पर्यवेक्षकों के लिए प्रशिक्षण का आठवां बैच आज शुरू हुआ। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी)  ज्ञानेश कुमार ने छत्तीसगढ़, हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीएलओ, बीएलओ पर्यवेक्षकों, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों सहित प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रतिभागियों को संबोधित किया। आईआईआईडीईएम में प्रशिक्षित होने वाले जमीनी स्तर के चुनाव अधिकारियों का अब तक का सबसे बड़ा बैच है। इसमें उत्तर प्रदेश से 118, मध्य प्रदेश से 130, छत्तीसगढ़ से 96 और हरियाणा से 29 प्रतिभागी सम्मिलित हैं। इसके साथ ही, पिछले दो महीनों में चुनाव आयोग द्वारा नई दिल्ली में 3,720 से अधिक जमीनी अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया है।

2.   अपने उद्घाटन भाषण में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, 1951, मतदाता पंजीकरण नियम 1960, चुनाव संचालन नियम, 1961 और चुनाव आयोग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुसार चुनावों का संचालन सुनिश्चित करने के लिए ये प्रशिक्षण कार्यक्रम आवश्यक हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ने यह भी रेखांकित किया कि प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागी आरपी अधिनियम 1950 की धारा 24 (ए) के तहत डीएम/जिला कलेक्टर/कार्यकारी मजिस्ट्रेट और धारा 24 (बी) के तहत राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) के साथ प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के खिलाफ पहली और दूसरी अपील के प्रावधानों से स्वंय को लैस करेंगे। उन्होंने बीएलओ और बीएलओ पर्यवेक्षकों को अपने क्षेत्र स्तर के सत्यापन के दौरान मतदाताओं को इन प्रावधानों से अवगत कराने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

3.   उल्लेखनीय है कि विशेष सारांश पुनरीक्षण (एसएसआर) प्रक्रिया पूरी होने के बाद 6-10 जनवरी 2025 तक छत्तीसगढ़, हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से कोई अपील दायर नहीं की गई थी।

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4.   प्रशिक्षण का उद्देश्य विशेष रुप से मतदाता पंजीकरण, प्रपत्र निगरानी और चुनावी प्रक्रियाओं के क्षेत्र-स्तरीय कार्यान्वयन के क्षेत्रों में प्रतिभागियों के व्यावहारिक ज्ञान में वृद्धि करना है। प्रतिभागियों को आईटी उपकरणों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके साथ ही अधिकारियों को चुनाव का पूर्वाभ्यास सहित ईवीएम और वीवीपैट का तकनीकी प्रदर्शन और प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

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