हरियाणा : समझिए कांग्रेस की सात चुनावी गारंटी, राज्‍य के बजट पर पड़ेगा बड़ा असर

चंडीगढ़, 19 सितंबर (आईएएनएस)। हरियाणा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने मेनिफेस्टो में सात गारंटियों का जिक्र किया है। इसमें कुछ गारंटि‍यों का प्रदेश के बजट पर बड़ा असर देखने को मिलेगा।

चुनावी राज्य हरियाणा में सियासी पारा ऊपर चढ़ चुका है। सूबे की सत्ता धारी पार्टी भाजपा और मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने अपने-अपने चुनावी वादे जनता के सामने पेश कर दिए हैं। कांग्रेस पिछले 10 साल से राज्य में मुख्य विपक्षी की भूमिका में है, ऐसे में सरकार बनाने के लिए पार्टी ने सात बड़े वादे किए हैं, जो वित्तीय बजट पर बड़ा असर डाल सकते हैं।

1. कांग्रेस का सबसे बड़ा चुनावी वादा प्रदेश प्रदेश की आधी आबादी यानी महिलाओं को लेकर है। पार्टी ने 18 से 60 साल की उम्र की महिलाओं को प्रत्येक महीने 2,000 रुपये और घरेलू गैस सिलेंडर के लिए 500 रुपये देने का ऐलान किया है। कांग्रेस पार्टी अगर हरियाणा की सत्ता में आती है तो सिर्फ इन दो योजनाओं से हजारों करोड़ रुपए का वित्तीय भार बढ़ जाएगा।

2. कांग्रेस ने प्रदेश के वृद्धों, दिव्यांगों और विधवाओं को प्रति महीने 6,000 रुपए देने का ऐलान किया है। वर्तमान सरकार इस योजना के तहत लाभार्थियों 3,000 रुपए महीना देती है। इस पर 10,000 करोड़ रुपए की धनराशि खर्च होती है। ऐसे में कांग्रेस को अपना वादा पूरा करने के लिए 20,000 करोड़ रुपए खर्च करना होगा।

3. कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश की तरह हरियाणा में ओल्ड पेंशन स्कीम के तहत पेंशन देने की बात कही गई है। इसमें राज्य सरकार के खजाने पर बड़ा असर देखने को मिलेगा।

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4. पार्टी ने हरियाणा की जनता को 300 यूनिट फ्री बिजली देने का भी वादा किया है। राज्य में 45 लाख घरेलू बिजली कनेक्शन है और अनुमान है कि इससे 300 से 400 करोड़ रुपये तक का असर पड़ेगा।

5. प्रदेश में बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा है। पार्टी ने इसको देखते हुए दो लाख पक्की नौकरी देने का वादा किया है, जो पार्टी को सत्ता की कुर्सी पर बैठाने में एक महत्वपूर्ण मुद्दा साबित हो सकती है।

6. प्रदेश की 80 फीसदी जनता किसानी से जुड़ी हुई है। यहां पर तीन कृषि कानूनों को लेकर बड़ा विरोध देखने को मिला था, इसके बाद भाजपा सरकार को इसको निरस्त करना पड़ा था। ऐसे में कांग्रेस ने एमएसपी को कानूनी दायरे में लाने का वादा किया है।

7. कांग्रेस ने चुनावी राज्य में जातिगत सर्वे कराने का वादा किया है। लोकसभा चुनाव के मेनिफेस्टो में भी इसका जिक्र था। वहीं सवर्ण जातियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित 10 प्रतिशत के नियम में सभी जाति-समुदाय के लोगों को शामिल करने का वादा किया है। इससे कांग्रेस हरियाणा के करीब 21 फीसदी दलित वोटर्स को साधने के प्रयास में है। इसके अलावा क्रीमी लेयर की लिमिट को आठ लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपए तक करने का वादा किया है।

–आईएएनएस

एससीएच/सीबीटी

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