अवैध खनन पाये जाने पर दोषियों के विरूद्ध होगी कड़ी कार्यवाही-प्रभारी मंत्री

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Media House सोनभद्र-प्रदेश सरकार के स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री/जनपद के प्रभारी मंत्री रवीन्द्र जायसवाल ने आज बिल्ली मारकुंडी में मे.कृष्णा माइनिंग खदान में हुई घटना में मृतकों व्यक्तियों के परिजनों से पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर मुलाकात की, इस दौरान प्रभारी मंत्री ने दुर्घटना में मृतक व्यक्तियों के परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के निर्देशन में आप सभी से मुलाकात करने हेतु आया हूॅ।
उन्होंने कहा कि दुर्घटना में मृतक व्यक्तियों के परिजनों को लगभग 20 लाख 55 हजार रूपये की आर्थिक सहायता राशि विभिन्न माध्यमें से उपलब्ध करायी जायेगी, इस दौरान उन्होंने कहा कि बिल्ली मारकुंडी में मे. कृष्णा माइनिंग खदान में हुई दुर्घटना की त्रिस्तरीय जाॅच करायी जायेगी, त्रिस्तरीय जाॅच पुलिस विभाग, खनन विभाग व जिला प्रशासन के माध्यम से करायी जायेगी, जाॅच में यदि अवैध खनन तथा मानक के अनुरूप कार्य न पाये जाने पर सम्बन्धित दोषी के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी।
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के नेतृत्व में प्रदेश में जीरो टालरेंस नीति के रूप में कार्य हो रहा है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वालों के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। इस मौके पर विधायक सदर भूपेश चैबे, जिलाधिकारी बी एन सिंह, पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल गुप्ता सहित अन्य सम्मानित जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहें।
इसके पश्चात प्रभारी मंत्री ने बिल्ली मारकुंडी में मे.कृष्णा माइनिंग खदान में पहुंचकर एनडीआरएफ/एसडीआरएफ द्वारा किये जा रहे राहत बचाव के कार्य का जायजा लिये, इस दौरान उन्होंने कहा कि सुरक्षात्मक व्यवस्था को अपनाते हुए राहत व बचाव का कार्य किया जाये, इस दौरान प्रभारी मंत्री ने एनडीआरएफ/एसडीआरएफ द्वारा किये जा रहे राहत व बचाव कार्य की सराहना भी की। मंत्री ने बचाव तथा राहत कार्य में लगे अधिकारियों, कर्मचारियों से स्थिति का के संबंध में बारीकी से जानकारी प्राप्त किया गया। उन्होंने कहाकि इस घटना में जो भी श्रमिक हताहत या घायल हुए हैं, उन्हें श्रम विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से उन्हें शत प्रतिशत लाभान्वित किया जाएगा। प्रभारी मंत्री ने खनन नियमावली कि जांच कराने के निर्देश संबंधित को दिए, उन्होंने कहा कि इस जांच में जिसकी संलिप्तता पाई जाती है, उसके खिलाफ कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि शव मिलने के बाद भी मलवे में खोज बीन किया जाए, जिससे अज्ञात लोगों के होने की आशंका जताई जा रही है के संबंध में सही स्थिति की जानकारी हो सके। प्रभारी मंत्री ने बताया कि जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक द्वारा जनपद के प्रत्येक गांव के ग्राम प्रधान के माध्यम से मुनादी भी करायी गयी। जो व्यक्ति खनन कार्य कर रहे थे, हादसे में दब गए थे, उनमें अब तक आपरेशन रेस्क्यू के माध्यम से 5 शवों की बरामदगी हुई है, शव की तलाश अभी भी जारी है।
उन्होंने बताया की श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के साथ ही अन्य योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक मृतकों के परिजनों को लगभग 20 लाख 55 हजार रुपए आर्थिक सहायता प्रदान किया जाएगा। इस मौके पर जिलाधिकारी बी एन सिंह, पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा, अपर जिलाधिकारी(वि0/रा0) वागीश कुमार शुक्ला, उप जिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी दुद्धी निखिल यादव सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहें।
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