खान मंत्रालय ने राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन के अंतर्गत कार्य करने हेतु सात उत्कृष्टता केंद्रों को मान्यता दी

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी नई दिल्ली-खान मंत्रालय ने राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन (एनसीएमएम) के अंतर्गत चार आईआईटी और तीन अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशालाओं सहित सात संस्थानों को उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) के रूप में मान्यता दी है। परियोजना अनुमोदन एवं सलाहकार समिति (पीएएसी) द्वारा 31.07.2025 को आयोजित बैठक में दी गई स्वीकृति के बाद ऐसा किया गया है। इसकी सह-अध्यक्षता खान मंत्रालय के सचिव श्री वी.एल. कांता राव और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के सचिव प्रो. अभय करंदीकर ने की थी। उत्कृष्टता केंद्रों को मान्यता देना एनसीएमएम का प्रमुख उद्देश्य होने के साथ-साथ महत्वपूर्ण खनिजों में अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास, को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्नत प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा, अंतरिक्ष आदि जैसे रणनीतिक क्षेत्रों के अलावा, महत्वपूर्ण कच्चे माल स्वच्छ ऊर्जा और गतिशीलता परिवर्तन के उभरते क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखला के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक संपूर्ण प्रणाली दृष्टिकोण में प्रौद्योगिकियों को विकसित, प्रदर्शित और काम में लेने के लिए, अनुसंधान एवं विकास करना आवश्यक है ताकि उच्च प्रौद्योगिकी तत्परता स्तर (टीआरएल)  7/8 पायलट प्लांट और पूर्व-व्यावसायिक प्रदर्शन के टीआरएल तक पहुंचा जा सके। ये उत्कृष्टता केंद्र महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में देश की विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षमता को मजबूत और उन्नत करने के लिए नवीन और परिवर्तनकारी अनुसंधान करेंगे। इन उत्कृष्टता केंद्रों को विभिन्न सरकारी अनुसंधान एवं विकास योजनाओं, उद्योग और उद्यम निवेशकों द्वारा परियोजना के आधार पर वित्त पोषित किया जाएगा।

एनसीएमएम के तहत उत्कृष्टता केंद्रों (सीओईएस) के रूप में मान्यता प्राप्त संस्थानों/प्रयोगशालाओं के नाम नीचे दिए गए हैं:

  1. आईआईटी बॉम्बे
  2. आईआईटी हैदराबाद
  3. आईआईटी – आईएसएम धनबाद
  4. आईआईटी रुड़की
  5. सीएसआईआर – आईएमएमटी, भुवनेश्वर
  6. सीएसआईआर – एनएमएल, जमशेदपुर
  7. एनएफटीडीसी, हैदराबाद
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प्रत्येक उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) हब और स्पोक मॉडल पर एक संघ के रूप में कार्य करेगा, ताकि महत्वपूर्ण खनिजों में अनुसंधान एवं विकास हो सके और प्रत्येक घटक की मुख्य क्षमताओं को एक ही प्रबंधन के तहत लाया जा सके। उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) के दिशानिर्देशों के अनुसार, सीओई (हब संस्थान) को संघ में कम से कम दो उद्योग भागीदारों और कम से कम दो अनुसंधान एवं विकास/शैक्षणिक भागीदारों को शामिल करना अनिवार्य था। सात मान्यता प्राप्त उत्कृष्टता केंद्रों ने मिलकर लगभग 80 उद्योग और शैक्षणिक/अनुसंधान एवं विकास के परिणामों को शामिल किया है। उत्कृष्टता केंद्रों को मान्यता देने की प्रक्रिया के तहत, मंत्रालय ने पहले पात्र संस्थानों से प्रस्ताव आमंत्रित किए थे और एक विस्तृत द्वि-स्तरीय मूल्यांकन और अनुमोदन प्रक्रिया शुरू की थी।

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