पिछली सरकार की तर्ज पर महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री भाजपा का, तो गृह मंत्री शिवसेना का होना चाहिए : अरुण सावंत

मुंबई, 3 दिसंबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव में महायुति गठबंधन की जीत के बाद 5 दिसंबर को शपथ ग्रहण समारोह का प्रस्‍ताव है। लेक‍िन अभी तक राज्य के मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान नहीं किया गया है। हालांकि बताया जा रहा है कि 4 दिसंबर को होने वाली बीजेपी के विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री का चयन कर लिया जाएगा। इससे पहले शिवसेना अध्यक्ष एकनाथ शिंदे ने घोषणा कर दी थी कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी का नेतृत्व जो फैसला लेगा, वह उन्हें मंजूर होगा। इसके बाद बताया जा रहा था कि वह भारतीय जनता पार्टी से नाराज हैं। इस पर शिवसेना प्रवक्ता अरुण सावंत ने प्रतिक्रिया दी है।

सावंत ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “सबसे पहले, हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की तबीयत जल्द ठीक हो। पिछले ढाई सालों में उन्होंने जो मेहनत की है, वह काबिल-ए-तारीफ है। बीस-बीस घंटे काम कर उन्होंने पूरे महाराष्ट्र के हर हिस्से का दौरा किया और लोगों की सेवा की। इस मेहनत के बाद, उन्हें स्वास्थ्य संबंधी कुछ दिक्कतें हुई हैं। डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें डेंगू और मलेरिया की समस्या है और सख्त आराम की जरूरत है। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि रिपोर्ट निगेटिव आई है, फिर भी उन्हें एक-दो दिन आराम करना जरूरी है। दो दिन आराम करने के बाद, वह फिर से काम में लग जाएंगे। इस बीच, उनका स्वास्थ्य सही होने के बाद वे आगे के चुनावों की तैयारी करेंगे, जैसे मुंबई महानगर पालिका, पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव।”

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उन्होंने अमित शाह से मुलाकात के बाद एकनाथ शिंदे की तबीयत खराब होने की खबरों को बेबुनियाद बताते हुए उन्होंने कहा, “उनकी तबीयत और अमित शाह के साथ हुई मुलाकात के बीच कोई संबंध नहीं है। यह आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। एकनाथ शिंदे की स्वास्थ्य की समस्या का उनकी मुलाकात से कोई संबंध नहीं है। विरोधी पार्टियां सिर्फ राजनीति कर रही हैं, और उनके पास कहने को और कुछ नहीं है।”

उन्होंने कहा, “भाजपा यह कह रही है कि जिस पार्टी के पास ज्यादा विधायक हैं, उस पार्टी का मुख्यमंत्री बनाना चाहिए, तो मुख्यमंत्री शिंदे ने हमेशा इस फैसले में सहयोग किया है। उन्होंने कहा कि अगर उपमुख्‍यमंत्री पद की उन्‍हें पेशकश की जाती है, तो गृह मंत्रालय उनकी पार्टी को मिलना चाहिए, क्योंकि पिछली सरकार में यह मंत्रालय भाजपा के पास था।”

उन्होंने कहा, “भाजपा और उनकी सहयोगी पार्टियों के बीच सब कुछ सही चल रहा है। विरोधी पार्टियां आरोप लगा सकती हैं, लेकिन जनता ने जो हमें बहुमत दिया है, हम उसका सम्मान करते हैं। हमारी रणनीति के तहत, हम जल्द ही महाराष्ट्र में एक मजबूत सरकार बनाने के लिए काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के गठन के बारे में सारी बातें तय हो चुकी हैं। आपको बुधवार की शाम को पता चल जाएगा कि महाराष्ट्र का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। एकनाथ शिंदे ने कभी भी इस पद की लालसा नहीं दिखाई। जब वह मुख्यमंत्री बने, तो यह उनकी मेहनत और भाग्य का परिणाम था। उन्होंने महाराष्ट्र के लोगों के लिए अपनी मेहनत से यह साबित किया कि मुख्यमंत्री का काम क्या होना चाहिए। यही वजह है कि उन्हें इतना बड़ा जनादेश मिला है।”

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–आईएएनएस

पीएसएम/सीबीटी

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