आरजी कर मामला : डॉक्टरों ने किया प्रोटेस्ट, पीड़िता के लिए न्याय की मांग

कोलकाता, 9 फरवरी (आईएएनएस)। आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल घटना की पीड़िता के जन्मदिन पर रविवार को एक रैली निकाली गई। रैली में सीनियर और जूनियर डॉक्टर शामिल हुए। इस दौरान डॉक्टरों ने गहरी नाराजगी और संवेदना व्यक्त करते हुए पीड़िता के लिए न्याय की मांग की।

रैली में शामिल जूनियर डॉक्टर देबाशीष हलदार ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि आज पीड़िता का जन्मदिन है और इस भयावह घटना को हुए छह महीने से अधिक का समय बीत चुका है। हम सब यहां इस रैली में शामिल होकर यह संदेश देना चाहते हैं कि हम कभी भी इसे भूलने नहीं देंगे। पीड़िता के माता-पिता ने भी हमें बताया था कि वह चाहते हैं कि लोग सड़कों पर उतरें और पीड़िता के लिए न्याय की मांग करें, यही कारण है कि हम आज यहां हैं।

उन्होंने कहा कि यह एक साइलेंट मेगा प्रोटेस्ट है, जो सीनियर डॉक्टरों द्वारा आयोजित किया गया है। हमारा मुख्य उद्देश्य पीड़िता को याद करना और यह बताना है कि हम उनके संघर्ष में उनके साथ हैं।

इस मामले में राज्य सरकार द्वारा हाईकोर्ट में दायर याचिका को लेकर सवाल किए जाने पर हलदार ने कहा कि हम चाहते हैं कि जो लोग भी इस घटना में शामिल हैं, उन्हें कड़ी सजा मिले। हमारे लिए न्याय का यही मतलब है और हम तब तक संघर्ष करेंगे जब तक सभी जिम्मेदार लोगों को सजा नहीं मिल जाती। उन्होंने आगे कहा कि डॉक्टरों की टीम ने पीड़िता के परिवार से मुलाकात की थी और इसके बाद इस रैली का आयोजन किया गया।

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दूसरी तरफ, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता कुणाल घोष ने इस रैली पर सवाल उठाया। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि यह रैली राजनीति से प्रेरित है। इसमें विभिन्न राजनीतिक पार्टियाें जैसे कि लेफ्ट, एनसीपीएम, कांग्रेस और भाजपा शामिल हैं। ये सभी तृणमूल विरोधी पार्टियां हैं और इसका उद्देश्य सिर्फ राजनीतिक माहौल को बिगाड़ना है।

कुणाल घोष ने कहा कि इस रैली के लिए जो भी फंडिंग हो रही है, वह एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी से की जा रही है और उनके द्वारा किए गए खर्च को लेकर भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह इवेंट मैनेजमेंट कंपनी पैसे खर्च कर रही है और इस तरह से विरोध प्रदर्शन करवा रही है। क्या सीबीआई को इस बात की जांच नहीं करनी चाहिए?

उल्लेखनीय है कि अगस्त 2024 में आरजी कर मेडिकल कॉलेज की म‍ह‍िला डॉक्टर का शव बरामद हुआ था। इसके बाद कोलकाता पुलिस की तरफ से मामले की जांच की गई। इस मामले में संजय रॉय को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद कोलकाता हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी थी।

–आईएएनएस

पीएसके/सीबीटी

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