बुजुर्गों में विटामिन 'सी' की कमी से असामान्य रक्तस्राव और थकान हो सकती है : अध्ययन

नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। हाल ही में एक सर्वे में बताया गया है कि हमारे शरीर में विटामिन ‘सी’ की कमी से असामान्य रक्तस्राव, थकान और कमजोरी होने का खतरा होता है। यह संभावना सबसे अधिक बुजुर्ग व्यक्तियों में होती है।

कम शारीरिक गतिविधि करने वाली और सामाजिक तौर पर अलग-थलग रहने वाली एक 65 वर्षीय महिला के मामले का विवरण देते हुए, सीएमएजे (कैनेडियन मेडिकल एसोसिएशन जर्नल) में प्रकाशित अध्ययन में बताया गया है कि स्कर्वी या विटामिन सी की कमी केवल 18वीं सदी के नाविकों की बीमारी नहीं है।

कनाडा के यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो के शोधकर्ताओं ने चिकित्सकों से अनुरोध किया है कि वे असामान्य रक्तस्राव और सामान्य लक्षणों वाले रोगियों में स्कर्वी को ध्यान में रखें।

यह बुजुर्ग महिला पैर में दर्द और कमजोरी, त्वचा के घाव और रंग में बदलाव जैसी कई बीमारियों से परेशान थी। जिसके कारण उसे डाउनटाउन टोरंटो अस्पताल के आपातकालीन विभाग में लाया गया था। इस महिला को इससे पहले भी कई पुरानी स्वास्थ्य समस्याएं थीं।

कम शारीरिक गतिविधि करने से उत्पन्न होने वाली समस्याओं के कारण वह किराने की खरीदारी करने, खाना पकाने और अन्य दैनिक गतिविधियों को करने में भी असमर्थ थी। वह मुख्य रूप से डिब्बाबंद सूप और मछली पर निर्भर रहती थी।

माउंट सिनाई अस्पताल और टोरंटो विश्वविद्यालय की डॉ. सारा एंजेलहार्ट ने इस विषय पर विस्तार से बताया। उन्होंने कहा, “यह मामला खाद्य असुरक्षा का एक जटिल उदाहरण प्रस्तुत करता है, जो एक असामान्य निदान के रूप में प्रकट होता है।”

केंद्र सरकार ने लोक शिकायतों के निपटान के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी किए

इस शोध में शोधकर्ताओं ने पाया कि 21वीं सदी में विटामिन ‘सी’ की कमी शोधकर्ताओं और डॉक्टरों की अपेक्षा से कहीं ज्यादा आम है। हालांकि, इस बीमारी का उपचार अक्सर चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि इसके लक्षण अक्सर अस्पष्ट होते हैं, जैसे कि थकान, कमजोरी और सांस फूलना।

शोध के लिए चुनी गई यह महिला धूम्रपान भी करती थी, जिससे उसके शरीर में विटामिन ‘सी’ की कमी और बढ़ गई। डॉक्टरों ने बताया कि विटामिन सी का इलाज शुरू करने के बाद उसके लक्षणों में सुधार हुआ और विटामिन ‘सी’ की कमी के लिए किए गए रक्त परीक्षण से अंततः निदान की पुष्टि हुई।

डॉक्टरों ने बताया, “चिकित्सकों को बच्चों और वृद्धों सहित रोगियों का मूल्यांकन करते समय विटामिन सी की कमी के प्रति सतर्क रहना चाहिए।”

–आईएएनएस

पीएसएम/एएस

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *