बुर्का पहनना या नहीं पहनना महि‍ला का अधिकार, स्विट्जरलैंड में रोक गलत : हुसैन दलवई

मुंबई, 2 जनवरी (आईएएनएस)। स्विट्जरलैंड में नए साल से महिलाओं के बुर्का और हिजाब पर प्रतिबंध लगाए जाने को लेकर महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद हुसैन दलवई ने कहा कि हिजाब लगाना हर शख्स का अधिकार है। इस पर प्रतिबंध गलत है।

महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद हुसैन दलवई ने कहा, “यह बहुत गलत और जबरदस्ती का फैसला है। हिजाब पहनने ना पहनने को लेकर हर शख्स का अधिकार है। इस पर प्रतिबंध लगाना गलत है। लोगों की आजादी पर बंधन लगाने का जो काम शुरू हुआ है, वो गलत है। बुर्का पहनना चाहिए या नहीं, यह महि‍ला का अपना अध‍िकार है। मैंने अपने घर में कभी किसी महिला पर बुर्के के ल‍िए जोर नहीं दिया।”

उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश और बिहार में हिंदू महिलाएं घूंघट करती हैं, तो क्या उस पर भी रोक लगा देंगे? मुस्लिम और हिंदू महिलाएं दोनों चेहरा ढकती हैं।”

प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट को लेकर एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी के सुप्रीम कोर्ट का रुख करने पर कांग्रेस नेता ने कहा कि “ओवैसी का यह कदम बहुत अच्छा है, हम उसका समर्थन करते हैं। देश में लोगों के आपस में झगड़े नहीं हों। देश में महंगाई और बेरोजगारी बढ़ गई है, लोगों को शिक्षा देना चाहिए।”

नीतीश कुमार के एनडीए छोड़कर दोबारा इंडिया ब्लॉक में शामिल होने के सवाल पर कांग्रेस नेता ने कहा कि “हम उनका स्वागत करेंगे। नीतीश कुमार अच्छे समाजवादी विचारों के हैं। उनको एनडीए के साथ जाना ही नहीं चाहिए था।”

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उन्होंने कहा कि “भारतीय जनता पार्टी के साथ जो भी पार्टी जाती है, वो दो गुट में हो जाती है। महाराष्ट्र में उन्होंने शरद पवार और उद्धव ठाकरे की पार्टी तोड़ दी। हुसैन दलवई ने कहा कि नीतीश कुमार ही नहीं एकनाथ शिंदे और अजीत पवार को भी इंडिया गठबंधन में शामिल होने पर एक बार विचार करना चाहिए।”

–आईएएनएस

एससीएच/सीबीटी

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