रौनियार जाति समाजिक,आर्थिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़ा है, केन्द्र सरकार ओबीसी की सूची मे शामिल करे।

डॉक्टर ए के गुप्ता रौनियार ने काफी सराहनीय कार्य एवं प्रसंशनीय प्रयास है। दिनेश कुमार रौनियार

रौनियार समाज के साथ केंद्र सरकार व राज्य सरकार कर रही बड़ी अनदेखी, केंद्र में ओबीसी दर्जा मिले-डॉ ए के गुप्ता (रौनियार)

Media House प्रयागराज-रौनियार वैश्य समाज पूरे उत्तर प्रदेश में अत्यंत ही पिछड़ा हुआ समाज है, लेकिन फिर भी यह “रौनियार” जाति भारत सरकार के अन्य पिछड़े वर्गों की उत्तर प्रदेश की सूची में शामिल नहीं है, जबकि बिहार, बंगाल एवं उड़ीसा सहित कई प्रदेशों में भारत सरकार के अन्य पिछड़े वर्गों की सूची में शामिल है। उत्तर प्रदेश रौनियार वैश्य जागृति समिति के संरक्षक पृथ्वी नाथ गुप्ता, अध्यक्ष विजय गुप्ता, महासचिव दिनेश कुमार गुप्ता ने रौनियार वैश्य समाज को भारत सरकार के अन्य पिछड़े वर्ग की उत्तर प्रदेश की सूची में शामिल कराने का महत्वपूर्ण बीड़ा एवं भार उठाया है।

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यह एक सर्वविदित एवं सार्वजनिक तथ्य है कि मंडल आयोग की सिफारिशों के लागू होने के लगभग 6-7 साल बाद रौनियार जाति को उत्तर प्रदेश राज्य के अन्य पिछड़े वर्गों की सूची में शामिल किया गया। उत्तर प्रदेश असाधारण गजट दिनांक 31 अगस्त 2002 की अनुसूची एक के धारा 2 ( ख ) के अनुसार, रौनियार जाति सीरियल नंबर 27 पर तेली, सामानी, रोग नगर और साहू आदि अन्य जातियों के साथ उत्तर प्रदेश के अन्य पिछड़े वर्गों की सूची में शामिल है, लेकिन भारत सरकार के अन्य पिछड़े वर्गों की उत्तर प्रदेश की सूची में सीरियल नंबर 23 पर इन्हीं उपरोक्त जातियों के साथ रौनियार जाति शामिल नहीं है। यह एक अजीब विडंबना है तथा यह रौनियार जाति की एक घनघोर उपेक्षा है, जिससे रौनियार जाति के समाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े बच्चों को रेलवे, बैंक, रक्षा क्षेत्र, एसएससी, नीट,एआईईई, यूपीएससी एवं भारत सरकार के कई अन्य नौकरियों में अन्य पिछड़े वर्गों के आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाता है जिससे अपने समाज में भारत सरकार के नौकरी वाले लड़के लड़कियों की संख्या शादी एवं विवाह आदि के लिए अत्यंत ही कम है।

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देश एवं उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार के बहुत ही अच्छा कार्य करने के बावजूद भी अपना रौनियार समाज भारत सरकार के अन्य पिछड़े वर्गों की उत्तर प्रदेश की सूची में शामिल न होने की वजह से अभी भी अत्यंत ही पिछड़ा बना हुआ है। जिस पर सभी संबंधितों को ध्यान देने की जरूरत है। इस विषय पर अपने रौनियार समाज के सोनभद्र निवासी डॉक्टर ए के गुप्ता रौनियार ने काफी सराहनीय कार्य एवं प्रसंशनीय प्रयास किया है। अक्सर कहा जाता है कि मां भी अपने बच्चे को भी तभी दूध पिलाती है जब बच्चा रोता है। अतः अपने समाज के सभी महानुभवों एवं उच्च पदाधिकारीयों आदि को मिलकर अंतिम अंजाम तक पहुंचने तक हम सभी को सतत प्रयास करते रहना चाहिए तथा तथा भारत सरकार के अन्य पिछड़े वर्गों की उत्तर प्रदेश की सूची में शामिल होने तक सरकार के समक्ष अपनी मांगों को प्रस्तुत करते रहना चाहिए। इस संबंध में मैं हर्ष के साथ सभी को सूचित करता हूं कि रौनियार वैश्य जाति को भारत सरकार के अन्य पिछड़े वर्गों की उत्तर प्रदेश की सूची में शामिल करने के लिए “उत्तर प्रदेश रौनियार वैश्य जागृति समिति” के अध्यक्ष इंजीनियर विजय गुप्ता ने प्रदेश के पूरे जिले के जिलाध्यक्षों के साथ एक ज्ञापन उत्तर प्रदेश के यशस्वी एवं माननीय मुख्यमंत्री को सौंपने का फैसला किया है। ज्ञापन सौंपने में सफल होने के लिए मेरी तरफ से अग्रिम शुभकामना एवं बधाई।

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