उ०प्र० खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत गठित राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी की बैठक में 12 प्रस्तावों को मिली हरी झंडी

Media House लखनऊ-उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति -2023 के तहत प्राप्त परियोजना प्रस्तावो पर समयबद्ध कार्यवाही करने, स्थापित इकाइयों के सब्सिडी आदि के प्रकरणों की समीक्षा करते रहने व प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के क्रियान्वयन पर विशेष रूप से फोकस करने के निर्देश उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। उप मुख्यमंत्री ने कहा है कि खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों के माध्यम से उत्तर प्रदेश में अधिक से अधिक पूंजी निवेश कराना है।उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा देश की सर्वोत्तम उ०प्र० खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति के माध्यम से प्रदेश में अधिक से अधिक पूंजी निवेश आकर्षित करने के लिए विभिन्न योजनायें संचालित है
उ०प्र० खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 अंतर्गत गठित राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी की बैठक कृषि उत्पादन आयुक्त, उ०प्र० शासन श्री दीपक कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को कृषि उत्पादन आयुक्त कार्यालय स्थित सभागार में सम्पन्न हुई। अध्यक्ष, राज्य स्तरीय इम्पावर्ड कमेटी/ कृषि उत्पादन आयुक्त श्री दीपक कुमार के समक्ष 122 प्रस्तावों को प्रस्तुत किया गया। समिति द्वारा समस्त 12 प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा उपरान्त सहमति व्यक्त की गयी एवं लेटर ऑफ कर्फट जारी किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया। जनपद गौतम बुद्धनगर, सहारनपुर, मीरजापुर, बाराबंकी, कानपुर नगर, इटावा, बरेली, शाहजहाँपुर, रामपुर, जालौन, अमरोहा एवं बहराईच से एक-एक अर्थात कुल 12 प्रस्तावों को राज्य स्तरीय इम्पावर्ड समिति के समक्ष अवलोकनार्थ / परीक्षण हेतु प्रस्तुत किया, और सभी का अनुमोदन किया गया।
कृषि उत्पादन आयुक्त, उ०प्र० शासन की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय इम्पावर्ड समिति द्वारा खाद्य प्रसंस्करण से संबन्धित इकाईयों की स्थापना हेतु 200 करोड़ की परियोजनाओं के सापेक्ष 58 करोड़ की सब्सिडी की स्वीकृति प्रदान की गयी। एम्ब्रोसिया नेचर लिविंग एल.एल.पी. लखनऊ के निवेशक श्री माधवेन्द्र देव सिंह एवं श्याम फूड्स, कुशीनगर को उ०प्र० खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 अंतर्गत इकाई की स्थापना, सफल संचालन एवं गुणवत्तायुक्त उत्पादन हेतु प्रशस्ति प्रत्र दिया गया। एम्ब्रोसिया नेचर लिविंग एल.एल.पी. लखनऊ द्वारा फ्रूट वाइन का उत्पादन किया जा रहा है तथा फर्म द्वारा अपना आउटलेट भी लखनऊ में ओपन किया गया है।
बैठक मे बताया गया कि उ०प्र० खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 अंतर्गत अब तक कुल 1394 प्राप्त प्रस्तावों में 966 प्रस्तावों को अनर्ह/अपूर्ण पाये जाने के कारण निरस्त किया गया, 416 प्रस्तावों के सापेक्ष लेटर आफ कम्फर्ट जारी किया गया।बताया गया कि जनपद बाराबंकी के निवेशक द्वारा फ्लोटिंग फिश फीड से संबन्धित प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया।लालीपॉप, जेली कैण्डी, टाफीज के प्रस्तावों के सापेक्ष निवेशक द्वारा अवगत कराया गया कि बच्चों के स्वास्थ्य के दृष्टिगत इन उत्पादों में प्रयुक्त होने वाले जिलेटिन को वनस्पतियों से प्राप्त कर उपयोग किया जाना चाहिये।बताया गया कि उ०प्र० खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति- 2023 अंतर्गत वर्ष 2023 अर्थात परियोजना के प्रारम्भ होने के वित्तीय वर्ष से वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 तक कुल प्राविधानित धनराशि रू0 600 करोड़ के सापेक्ष रू0 192.33 करोड़ का उपयोग स्वीकृत परियोजनाओं के सापेक्ष अनुदान राशि के हस्तान्तरण में किया गया।
नीति अंतर्गत बरेली 28 परियोजनाओं के साथ प्रथम स्थान पर, रामपुर 21 परियोजनाओं के साथ द्वितीय एवं कानपुर नगर 20 परियोजनाओं के साथ तृतीय स्थान पर है। बैठक में पंचायती राज विभाग के उपस्थित अधिकारी को स्वीकृत परियोजनाओं के सापेक्ष प्लान मैप के अनुमोदन की कार्यवाही न करने या बिलम्बित करने के प्रकरण पर निर्देशित किया गया कि प्रस्ताव प्राप्त होने पर अधिकतम 15 दिनों में कार्य क्रियान्वयन सुनिश्चित कराया जाय, जिससे निवेशक को कोई कठिनाई न हो। बैठक में उपस्थित प्रमुख सचिव, कृषि द्वारा प्रस्तावों के परीक्षण के मध्य प्रस्ताव दिया गया कि कैटल एवं फिश फीड निर्माण से संबन्धित इकाईयों को एफ०पी०ओ० से इन्टीग्रेट करने हेतु वह अपने स्तर पर संबन्धित निवेशकों के साथ बैठक करेगें।
बैठक में अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करणव रेशम विभाग श्री बी एल मीणा ने
खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र मे किये जा रहे निवेश के बारे मे जानकारी देते हुये बताया कि उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डालर की अर्थ व्यवस्था बनाये जाने हेतु उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्ग निर्देशन मे खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने व इस क्षैत्र मे अधिक से अधिक निवेश किये जाने के हर सम्भव प्रयास किये जा रहे है, और इस दिशा मे काफी हद तक सफलता भी हासिल हुयी है। बैठक मे शासन के वरिष्ठ अधिकारियों सहित विशेष सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग श्रीमती प्रेरणा शर्मा व अन्य अधिकारियो समिति सदस्यों के विभागों के प्रतिनिधियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। एस०एल०ई०सी० की बैठक में खाद्य प्रसंस्करण विभाग के पृथक रूप से गठन के बारे जारी अधिसूचना से कृषि उत्पादन आयुक्त, उ०प्र० शासन को भी संज्ञानित कराया गया।










