वायु प्रदूषण को कम करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की 126वीं बैठक आयोजित 

AKGupta मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी नई दिल्ली-वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के प्रवर्तन कार्य बल (ईटीएफ) की 126वीं बैठक 20 फरवरी 2026 को आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उदेश्य 4 फरवरी से 18 फरवरी 2026 के बीच राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में की गई प्रवर्तन और निरीक्षण गतिविधियों की समीक्षा करना था।

कार्य बल ने वायु प्रदूषण में योगदान देने वाले प्रमुख क्षेत्रों, जिनमें औद्योगिक इकाइयां, निर्माण एवं विध्वंस (सी एंड डी) गतिविधियां, सड़क की धूल, डीजल जनरेटर (डीजी) सेट और नगरपालिका ठोस अपशिष्ट (एमएसडब्ल्यू) तथा बायोमास जलाने से संबंधित घटनाएं शामिल हैं, में फ्लाइंग 0स्क्वाड द्वारा किए गए निरीक्षणों की व्यापक समीक्षा की। 125वीं ईटीएफ बैठक में उल्लेखित उल्लंघनों से संबंधित शेष प्रवर्तन कार्रवाइयों की भी समीक्षा की गई। साथ ही, रिपोर्टिंग अवधि के दौरान पहचाने गए उल्लंघनों पर प्रस्तावित कार्रवाइयों पर भी विचार किया गया।

रिपोर्टिंग अवधि के दौरान एनसीआर में भर में फ्लाइंग स्क्वाड द्वारा कुल 318 निरीक्षण किए गए, जिनमें निर्माण एवं विध्वंस क्षेत्र में 4, औद्योगिक क्षेत्र में 306 और डीजल जनरेटर (डीजी) सेटों के उल्लंघन से संबंधित 8 निरीक्षण शामिल थे। इनमें से कुल 131 उल्लंघनों की रिपोर्ट दर्ज की गई, जिनमें निर्माण एवं विकास क्षेत्र से 4, औद्योगिक क्षेत्र से 123 (20 फरवरी 2026 की सुबह तक प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार) और डीजी सेटों से संबंधित 4 उल्लंघन शामिल हैं। इसके अलावा, 39 इकाइयों को बंद करने का प्रस्ताव किया गया है, 10 इकाइयों में डीजी सेट सील करने का प्रस्ताव रखा गया है, 15 इकाइयों को कारण बताओ नोटिस (एससीएन) जारी किए गए हैं तथा 28 मामलों की रिपोर्टों परीक्षणाधीन हैं।

बैठक के दौरान सड़क की धूल कम करने के उपायों के निरीक्षण पर विशेष जोर दिया गया, जिनमें यंत्रीकृत सड़क सफाई, जल छिड़काव, पक्की सड़कों के किनारे की देखरेख और निर्धारित धूल नियंत्रण उपायों का अनुपालन शामिल हैं। निरीक्षण के निष्कर्षों की विस्तार से समीक्षा की गई और संबंधित एजेंसियों को जमीनी स्तर पर सतर्कता सुनिश्चित करने और धूल नियंत्रण उपायों का कड़ाई से पालन करने की सलाह दी गई, विशेष रूप से अधिक यातायात वाले गलियारों और शहरी हॉट-स्पॉट क्षेत्रों में।

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इसके अलावा, 23 फरवरी 2026 तक की संचयी प्रवर्तन स्थिति के अनुसार, आयोग के फ्लाइंग स्क्वाड द्वारा अब तक कुल 26,328 इकाइयों, परियोजनाओं और संस्थाओं का निरीक्षण किया जा चुका है। इन निरीक्षणों के आधार पर अब तक गैर-अनुपालन के लिए 1,686 बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें से 1,290 मामलों में संबंधित ईकाइयों द्वारा अनुपालन सत्यापित किए जाने के बाद  पुनः संचालन के आदेश जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, 123 मामलों को अंतिम निर्णय के लिए संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (एसपीसीबी)/ दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को स्थानांतरित कर दिया गया है, जबकि शेष 273 ईकाइयों के पुनः संचालन आदेश विधिवत प्रक्रिया के तहत परीक्षणाधीन है। आयोग ने एनसीआर में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए निरंतर प्रवर्तन तथा संबंधित एजेंसियों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से सतत कार्रवाई के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

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