केंद्रीय विद्यालय में सतत विकास एवं वैश्विक चेतना” कार्यशाला का हुआ आयोजन

कृपा शंकर पांडेय चोपन- पी एम केंद्रीय विद्यालय चोपन में सतत विकास एवं वैश्विक चेतना कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला के प्रमुख वक्ता राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉ.महेंद्र प्रसाद रहे इस दौरान उन्होंने कहा कि हमारी शिक्षा हमारा भविष्य तय करेगी। आज हम इस चर्चा के माध्यम से अपने छात्रों को भविष्य की प्रकृति और भविष्य की दुनिया के प्रति उनकी क्या जिम्मेदारी है ये बताते हुए इसे बचाने के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं। मानव जीवन के स्तर को बढ़ाना, आर्थिक सशक्तिकरण, पर्यावरण को शुद्ध रखना, प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित एवं सुरक्षित रखना, आर्थिक विकास को गति देना तथा हरित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की गई। कार्यवाहक प्राचार्य आलोक श्रीवास्तव ने स्टूडेंट्स को पांच बातों का ध्यान रखने को कहा। उन्होंने बताया कि पीपल, प्लेनेट, प्रोस्पेरिटी, पीस और पार्टनरशिप इन पांच बातों को ध्यान में रख कर सतत विकास की परिकल्पना साकार हो सकती है। वर्तमान समय में हर कोई विकास के पीछे भाग रहा है। इस दौड़ ने इंसान को स्वार्थी बना दिया है। भविष्य हमारी सोच का आधार नहीं बन रहा है।सतत विकास के जरिए इस बात का खास ध्यान रखा जाता है कि विकास विनाश का आह्वान न करें। प्रकृति का उपयोग करने के अलावा प्रकृति का संरक्षण और संवर्धन करना भी बहुत आवश्यक है। बची हुई प्रकृति हमारे भविष्य और हमारे आने वाली पीढ़ी के जीवन का आधार बनेगी। कार्यक्रम का संचालन जगदीश चौहान ने किया। इस दौरान कक्षा 9 से कक्षा 12 तक के छात्र मौजूद रहे।

अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर प्रशासन की कार्रवाई, घोरावल में 2 डिजिटल लाइब्रेरी सील

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *