विपक्ष को आईना दिखाने का काम किया ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री ए के शर्मा ने किया।

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी 22ता.लखनऊ-विधान सभा में आज प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री ए के शर्मा के जवाब के दौरान नेता विरोधी दल अखिलेश यादव बार बार अपनी कुर्सी से खड़े होकर श्री शर्मा को बोलने से रोकते हुए नज़र आये। प्रश्न बिजली उत्पादन एवं आपूर्ति को लेकर था। इस पर ऊर्जा मंत्री ने योगी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि..

• दस वर्षों में सबसे ज़्यादा विद्युत उत्पादन और सप्लाई वर्ष २०२२-२३ में की गई। सपा शासन के २०१२ में जो पीक डिमांड थी उसकी दोगुनी डिमांड इस साल में आई और उसे पूरा किया गया।

• इस बढ़ती हुई माँग को पूरा करने के लिए सरकार पूरी तरह सजग और सतर्क रही।
• योगी शासन के पिछले सालों में प्रदेश में कई उत्पादन इकाइयाँ या तो शुरू की गईं या उनमें उत्पादन शुरू किया गया। इनमें हरदुआगंज, जवाहरपुर, पनकी, ओबरा सी, घाटमपुर शामिल हैं।
• साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा के कई प्रोजेक्ट शुरू किए जा रहे हैं।
• जर्जर एवं ख़राब तारों तथा खंभों को बदलने की योजनाएँ बखूबी अमल हो रही हैं।
• ख़राब पड़े या अधिभारित ट्रांसफ़ॉमर बड़ी संख्या में बदले गये हैं।
• आरडीएसएस योजना के बारे में उन्होंने यह कहकर विपक्ष को प्रभावित कर दिया कि विधान मंडल के सभी सदस्यों को उन्होंने ईमेल भेजकर अनुरोध किया था कि अपने क्षेत्र की बिजली की समस्याओ को स्थानीय अधिकारियों को सर्वे के दौरान बता दें। इस योजना की सारी औपचारिकताएँ पूर्ण करके अब कार्य शुरू हो रहा है।
• विपक्ष द्वारा यह कहे जाने पर कि यह सरकार कंपनियों को फ़ायदा करा रही है। इस बात पर श्री ए0के0 शर्मा ने विपक्ष को करारा जवाब दिया और उनके समय का उनका कच्चा चिट्ठा खोला।
• उन्होंने बताया कि 2006 तथा 2009 से 2014 के दरम्यान उस समय की प्रदेश सरकार द्वारा महँगे बहुत ही महँगे विद्युत अनुबंध (PPA) कुछ प्राइवेट कंपनियों के साथ किए गये। जिसकी वजह से प्रति यूनिट बिजली की ख़रीद सबसे महँगी दरो पर करनी पड़ रही है। इसीलिए UP में बिजली महँगी है।
• इतना ही नहीं इन PPA की वजह से बिजली नहीं लेने की दशा में फिक्स चार्ज देना पड़ता है जो 8-10 हज़ार करोड़ रुपया वार्षिक है जो अनावश्यक है।
• उन्होंने यह भी कहा कि ये अनुबंध ही प्रदेश की बिजली समस्या का मूल कारण हैं।
• इन अनुबन्धों का संज्ञान लेकर UPERC ने नये विद्युत संयंत्र लगाने पर पाबंदी भी लगा दी थी।
• उन्होंने अखिलेश यादव के बार बार टोकने की चिंता किए बग़ैर सपा के पुराने कृत्यों को उजागर करते हुए यह भी कहा कि इन अनर्गल अनुबंधों को रद्द करने के लिए क़ानूनी सलाह लेकर कार्यवाही करेंगे।
• इसके बावजूद ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 800 मेगावाट के चार प्लांट ओबरा और अनपरा में लगाने के लिए एनटीपीसी के साथ MOU किया गया है।
• नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में MOU किया गया है।
• साथ ही बिजली की बढ़ती माँग को पूरा करने के लिए बिजली के इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त किया जा रहा है।

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