एक धर्मार्थ ट्रस्ट जो कि असहाय लोगों को भोजन कराने और सामाजिक कार्यों में संलग्न होने के लिए जाना जाता है: रोटी बैंक

मीडिया हाउस 14 ता.हाल ही में एक ज़रूरतमंद बुज़ुर्ग दादा जी जिनके परिवार में कोई नही है संगठन से नियमित रूप से भोजन प्राप्त करने वाले बुजुर्ग दादा की झोपड़ी बारिश तथा धुप का सामना नहीं कर पा रही थी। रोटी बैंक बेतिया ने समुदाय के समर्थन से उन्हें अपनी झोपड़ी को ढकने के लिए दो तिरपाल उपलब्ध कराया एवं स्वयं अपने हाथों लागया।

रोटी बैंक बेतिया ट्रस्ट के संस्थापक संजू गिरी जी ने कहा कि संगठन प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना कर रहे व्यक्तियों के जीवन में बदलाव लाने के लिए समर्पित है। वहीं कुश ने बताया कि दूसरों को दयालुता और करुणा फैलाने में शामिल होने के लिए हम सभी को प्रोत्साहित करते है। यह इशारा इस बात का उदाहरण है कि दयालुता के छोटे-छोटे कार्य लोगों के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव कैसे ला सकते हैं।
मौके पर विनित कुमार, नितेश पांडे, विकाश कुमार, गोलू आदि उपस्थित रहे।

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