भारत 2028 तक बनेगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था : मॉर्गन स्टेनली रिपोर्ट

नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। भारत 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, जो जर्मनी को पीछे छोड़ देगा। यह दावा वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट में किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2026 तक 4.7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। 2028 तक यह 5.7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा, जिससे भारत जर्मनी को पीछे छोड़ते हुए तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। यह असाधारण वृद्धि संयोग नहीं, बल्कि वर्षों की दूरदृष्टि और साहसिक आर्थिक सुधारों का परिणाम है। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता संभाली, तब उन्होंने देश के कायाकल्प के लिए एक मजबूत दिशा तय की थी।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ जैसे अभियानों ने औद्योगिक नवाचार की एक लहर को जन्म दिया, जिसने गांवों को विनिर्माण केंद्र और शहरों को समृद्ध आर्थिक केंद्रों में बदल दिया। इन पहलों से न केवल उद्योगों में वृद्धि हुई, बल्कि भारत को एक डिजिटल महाशक्ति बनने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया। भारत में होने वाली विशाल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं ने न केवल देश का रूप बदला, बल्कि वैश्विक निवेशकों को भी आकर्षित किया। डिजिटल क्रांति के कारण लाखों लोगों को जोड़ने के साथ-साथ कई बड़े सुधारों ने भारत को वैश्विक आर्थिक मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान दिलाया।

भारत की यह वृद्धि 1.4 बिलियन लोगों की आकांक्षाओं का वास्तविक रूप है। इस प्रगति का मुख्य कारण देश के युवा और महत्वाकांक्षी कार्यबल है, जो हर दिन नए-नए मील के पत्थर पार कर रही है।

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भारत के आर्थिक सुधारों में कर सुधारों से लेकर वित्तीय समावेशन, नवीकरणीय ऊर्जा से लेकर अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी तक, हर पहलू में देश ने अनुकूल परिवर्तन किए हैं। इन सुधारों ने न केवल अर्थव्यवस्था को गति दी है, बल्कि भारत को एक वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित किया है। जैसे-जैसे भारत की अर्थव्यवस्था ऊंचाई की ओर बढ़ रही है, यह स्पष्ट है कि भविष्य भारत का है। जहां एक ओर दुनिया अनिश्चित वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों से जूझ रही है, वहीं भारत अपनी मजबूत आर्थिक नीति और विकासात्मक दृष्टिकोण के साथ तेजी से विकास कर रहा है।

–आईएएनएस

पीएसके/सीबीटी

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