सी.ए.जी. रिपोर्ट का खुलासा, एनडीए की सरकार में हो रहा है भ्रष्टाचार : कुमार जयमंगल सिंह 

CAG ने किया 7 घोटालों का पर्दाफाश, प्रधानमंत्री की नाक के नीचे हो रही है धांधली

मीडिया हाउस न्यूज एजेंन्सी 25ता०बोकारो। सीएजी रिपोर्ट के अनुसार भाजपा सरकार में खुलेआम धांधली हो रही है यह बातें बोकारो में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कांग्रेस के बेरमो विधायक कुमार जय मंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह ने कहा। उन्होंने कहा कि भारतमाला प्रोजेक्ट की बिडिंग प्रक्रिया में फर्जीवाड़े, बनाई की लागत 100% बढ़ गई। द्वारका एक्सप्रेस-वे में भारी धांधली, सड़क बनाने की कीमत 18 करोड़ प्रति किलोमीटर से 250 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर पहुँच गई। आयुष्मान भारत में मृत लोगों को जीवित दिखा कर भुगतान और एक ही नंबर से 7.5 लाख लाभार्थियों के जुड़े होने का फर्जीवाड़ा अयोध्या डेवेलपमेंट प्रोजेक्ट में ठेकेदारों के गल्ले में अनुचित लाभ पहुंचाने का घोटाला,टोल नियमों का उल्लंघन, NHAI ने गलत तरीके से यात्रियों से 132 करोड़ रुपये वसूले, HAL पर विमान इंजन की डिजाइन प्रोडक्शन में खामियों का गंभीर आरोप जिससे159 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ,ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वृद्ध, विकलांग और विधवा पेंशन योजनाओं का पैसा अन्य योजनाओं के प्रचार में खर्च कर दिया। CAG, जो सरकार के सारे खर्चे का ऑडिट करती है। यह संस्था प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ साजिश रच रही है और उनकी नाक के नीचे हो रहे एक दो या तीन नहीं, 7 घोटालों को बेनकाब कर रही है। बेरमो विधायक ने कहा की अब बस तुरंत मोदी जी उस पर ED की रेड करवाकर ताला लगवायें ऐसे काम नहीं चलेगा, जेल तो वो भिजवा ही देगे। क्योंकि जिस झूठी ईमानदार छवि का गला फाड़ फाड़ कर प्रधानमंत्री दंग भरते हैं। मोदी सरकार से घोटाले ही घोटाले हैं और अब पूरा सच देश के सामने आ रहा है। लोग मोदी जी के भ्रष्टाचार के बारे में बात करने लगे हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार की पोल खोलते हुए कहा कि ऐसे कई प्रोजेक्ट है जिसमें घोटाला ही घोटाला किया गया जैसे,CAG ने भारतमाला प्रोजेक्ट में फर्जीवाड़े की पोल खोली है। सड़क की लागत में लगभग 100% वृद्धि का भी खुलासा हुआ है। इस प्रोजेक्ट के फण्ड की अनुमति आर्थिक मामलों ‘संबंधी कैबिनेट समिति CCEA देती है, जिसकी अध्यक्षता स्वयं प्रधानमंत्री करते हैं। इस परियोजना में CCEA ने मंजूरी दी थी 5.35,000 करोड़ रुपये की लागत पर 34,800 किलोमीटर सड़क बनाने के लिए, लेकिन असल में ठेका 26,316 किलोमीटर राजमागों का ही दिया गया, जिसकी स्वीकृत लागत 8.46,588 करोड़ रुपये थी। इसका मतलब CCLA ने जिन परियोजनाएं के लिए 15.37 करोड़ रुपए प्रति किसी की लागत को मंजूरी दी तो बढ़कर दोगुनी से भी अधिक, मतलब करीब 32.17 करोड़ रुपए प्रति किसी की लागत हो गई है। CAG ने बोली प्रक्रिया में भी अनियमितताओं को उजागर किया है। सफल बोलीदाताओं ने टेश्वर की शर्त पूरी नहीं की, फजी दस्तावेज के आधार पर चयन हो गया, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के बिना काम आवंटित हुआ Excrow अकाउंट से 3598.52 करोड़ रुपए के आस पास फण्ड डायवर्जन हुए और कई जगहों पर safety consultant तक नही रखे गए। सड़क पर चलते हुएआप खुद अपनी जान माल के जिम्मेदार है, ये काम सरकार का नहीं है। CAG ने द्वारका एक्सप्रेस वे में भारी धांधली उजागर करते हुए सवाल उठाया कि कैसे सह बनाने की कीमत 250 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर पहुँच गई, जबकि स्वीकृत सगल 18 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर ही थी और मंत्रालय की ओर से आया बयान नहीं समझा सका कि ऐसा क्या बना जिसमे कीमत 1400%, मतलब 14 गुना बढ़ गई। महंगाई के चलते अकेले नहीं हो सकता, कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार की बू आती है।
CAG ने टोल नियमों के उल्लंघन का खुलासा करते हुएबताया है कि NHAI ने गलत तरीके से यात्रियों से 132 करोड़ रुपए वसूले है। ऑडिटर के पास यह आंकड़ा महत्व 5 toll pla • ऑडिट से ही सामने आ गया। CAG ने यह भी खुलासा किया है कि राजस्व को NHAI के concession agreements से करीब 133 करोड़ रूपए का नुकसान हुआ है। अगर ये ऑडिट पूरे देश के toll plaza का हो जाए, तो कितने लाखों करोड़ो रुपया का गबन सामने आएगा- इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता।CAG ने आयुष्मान भारत योजना में ही रही धांधली का भी पर्दाफाश किया है, जिसमे मूल लोगों को जीवित दिखा कर भुगतान किया गया है और एक ही नंबर से 2.5 लाख लाभार्थियों के जुड़े होने का फर्जीवाड़ा भी उजागर किया है। उपचार के दौरान 88.760 रोगियों की मौत हो गई, पर उनकी मौत के बाद उनसे संबंधित 2.14.923 क्लेश का भुगतान किया गया। जैसा कि पहले बताया 7.5 लाख लाभार्थी एक ही मोबाइल नंबर से जुड़े दिखाये गये और करीब 4,761 रजिस्ट्रेशन तो केवल 7 आधार नंबर पर दिखा दिये गये। असल में 1.24 करोह फर्जी लाभार्थी कुछ 1.86 लाख नंबरों से जुड़े पाये गये। CAG ने अयोध्या डेवेलपमेंट प्रोजेक्ट में ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाने का घोटाला भी उजागर किया है। अयोध्या डेवेलपमेंट प्रोजेक्ट में ठेकेदारों के गल्ले में करीब 19.73 करोड़ का अनुचित लाभ पहुंचाने का घोटाला भी सामने आया है। कार्यान्वयन एजेंसी अर्थात उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने ठेकेदारों की नियुक्ति करते वक़्त performance guarantee का पूरा पैसा तक नहीं जमा करवाया। जिन ठेकेदारों का रजिस्ट्रेशन रद्द हो गया था, उनको भी GST का भुगतान हो गया, यहाँ तक की सिंचाई विभाग ने ठेकेदारों द्वारा प्रस्तावित दरो का तुलनात्मक विश्लेषण भी नहीं किया। CAG ने बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने अपनी पेंशन योजनाओं के 2 करोड़ 83 लाख रुपए केंद्र की अन्य योजनाओं के प्रचार में खर्च कर दिये। इस पैसे से तीन पेंशन चलती हैं. बुजुर्ग विकलांग और विधवा पेंशन और सोचिए कि मंत्रालय ने जून 2017 में पेंशन के पैसे को मंत्रालय की बाकी योजनाओं के प्रचार अभियान में लगा दिया, फिर अगस्त 2017 में 19 राज्यों के हर जिले में पाँच होर्डिंग्स ग्राम समृद्धि स्वच्छ भारत पखवाड़ा के प्रचार के लिए पैशन के 2.44 करोड़ खर्च कर दिये। हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड, विमान इंजन की डिजाइन प्रोडक्शन में खामियों का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे 159 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। बेरमो विधायक जय मंगल सिंह ने प्रधानमंत्री से सवाल उठाते हुए कहा कि क्या प्रधानमंत्री अपनी नाक के नीचे हो रहे इन घोटालों पर चुप्पी तोड़ेगे। भारतमाला प्रोजेक्ट में धांधली पर कार्रवाई करेंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करेंगे? क्या प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत में हो रहे फर्जीवाडे पर कुछ करेंगे, क्या वो पता करेंगे कि आखिर लाभार्थियों का पैसा कहाँ जा रहा है। क्या प्रधानमंत्री ये पता करने की कोशिश करेंगे कि ग्रामीण विकास मंत्रालय विकलांग, वृद्ध और विधवा पेंशन का बजट दूसरी योजनाओं के प्रचार पर खर्चा क्यों कर रहा है।
अयोध्या में पहले जमीन की धाँधली और अब डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के नाम पर घोटाले के लिए जिम्मेदार कौन है, आखिर कौन ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुँचा रहा है।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से पैन एशिया मेटल्स लि० के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक पॉल लॉक ने मुलाकात की।

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