मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी लखनऊ-उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा की अध्यक्षता में आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस आयुक्तों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्वाचन की तैयारियों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विधानसभा सामान्य निर्वाचन की तिथि से चार माह पूर्व सेक्टर ऑफिसर एवं सेक्टर पुलिस ऑफिसर की नियुक्ति किए जाने का प्राविधान है। विगत विधानसभा निर्वाचन में मतदान की प्रथम तिथि को दृष्टिगत रखते हुए आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के लिए एक सप्ताह में सेक्टर ऑफिसर एवं सेक्टर पुलिस ऑफिसर की नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि सेक्टर ऑफिसर एवं सेक्टर पुलिस ऑफिसर के रूप में संवेदनशील एवं सक्षम अधिकारियों की नियुक्ति की जाए। नियुक्ति के उपरांत जनपद स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से उन्हें उनके दायित्वों एवं निर्वाचन संबंधी प्राविधानों का प्रशिक्षण भी समय से प्रदान किया जाए, ताकि निर्वाचन के दौरान अधिकारी अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सेक्टर ऑफिसर मतदान से पूर्व ईवीएम जागरूकता कार्यक्रमों तथा मतदान के दिन मतदान संबंधी कार्यवाहियों का अपने क्षेत्र में पर्यवेक्षण करेंगे। मतदान दिवस पर संबंधित मतदेय स्थलों के मतदान अधिकारियों के कार्यों का भी सेक्टर ऑफिसर द्वारा पर्यवेक्षण किया जाएगा।

श्री रिणवा ने निर्देश दिए कि सेक्टर ऑफिसर एवं सेक्टर पुलिस ऑफिसर को वल्नरेबिलिटी मैपिंग से संबंधित फॉर्मेट वीएम-1 समय से उपलब्ध कराया जाए। वीएम-1 में विगत लोकसभा एवं विधानसभा निर्वाचनों में हुए आपराधिक मुकदमों, जातिगत हिंसा, आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन, नकदी एवं अन्य प्रकार की सामग्रियों की जब्ती, पुनर्मतदान, गंभीर आपराधिक मुकदमों वाले व्यक्तियों तथा शराब से संबंधित मुकदमों आदि का विवरण अंकित किया जाता है। उन्होंने कहा कि वीएम-1 के आधार पर सेक्टर ऑफिसर एवं सेक्टर पुलिस ऑफिसर अपने-अपने क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए आवश्यक अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।

खनिज क्षेत्रों में सुधार हेतु उत्तर प्रदेश राज्य को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सेक्टर ऑफिसरों को अपने-अपने क्षेत्र के मतदेय स्थलों का भ्रमण कर मतदान कार्मिकों एवं मतदाताओं की सुविधाओं का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदेय स्थल तक पहुंचने वाले मार्ग तथा विद्युत, फर्नीचर, रैम्प, शौचालय, छाया एवं पेयजल जैसी आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता का सत्यापन किया जाए। सेक्टर ऑफिसर निरीक्षण के बाद अपनी रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी को प्रस्तुत करेंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी रिपोर्ट का अवलोकन कर जिन मतदेय स्थलों पर आवश्यक सुविधाओं की कमी पाई जाए, वहां संबंधित विभागो से समन्वय स्थापित कर कार्य को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराएंगे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि क्रिटिकल मतदेय स्थलों के चयन का आधार हैण्डबुक फॉर सेक्टर ऑफिसर में निर्धारित किया गया है। निर्धारित मानकों के आधार पर क्रिटिकल मतदेय स्थलों की सूची तैयार करने की कार्रवाई समय से पूर्ण कर ली जाए। उन्होंने ऐसे मतदेय स्थलों का भी चिह्नांकन करने के निर्देश दिए, जहां मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं है। संबंधित जनपद के सर्विस प्रोवाइडर के साथ समन्वय स्थापित कर इन मतदेय स्थलों पर नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि मतदान प्रक्रिया के दौरान संचार एवं निर्वाचन संबंधी कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।

श्री रिणवा ने जिला निर्वाचन अधिकारियों को ईवीएम वेयरहाउस के मासिक एवं त्रैमासिक निरीक्षण के दौरान भारत निर्वाचन आयोग के ईवीएम मैनुअल में निर्धारित प्राविधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वेयरहाउस में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग का 30 दिन का बैकअप अनिवार्य रूप से उपलब्ध होना चाहिए। वर्तमान में कई जनपदों में ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में वेयरहाउस में यदि दीमक, सीपेज अथवा अन्य किसी प्रकार की समस्या हो तो उसे एफएलसी अवधि के दौरान ही दुरुस्त करा लिया जाए। उन्होंने वेयरहाउस में सुरक्षा व्यवस्था भी निर्धारित मैनुअल के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संबंधित क्षेत्र के थानाध्यक्ष एवं पुलिस उपाधीक्षक द्वारा समय-समय पर वेयरहाउस में सुरक्षा बल की उपस्थिति एवं सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण भी किया जाए।

बसपा सरकार में मंत्री रहे राज बहादुर सिंह ने ज्वाईन किया कांग्रेस

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के दृष्टिगत सभी तैयारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों एवं निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप पूर्ण किया जाए, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई जा सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *