केके पाठक ने अब कोचिंग संचालकों पर कसा शिकंजा, नही कर सकेंगे मनमानी

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी 31ता.बिहार। जब से शिक्षा विभाग के एसीएस पद का कार्यभार आईएएस के. के. पाठक द्वारा संभाल गया है तभी से शिक्षा विभाग में एक के बाद एक कई बड़े बदलाव हो रहे हैं केके पाठक धड़ाधड़ फैसला ले रहे हैं ताजा मामले में उन्होंने निजी कोचिंग संचालकों पर शिकंजा कसा है अब कोचिंग संचालक को अपनी शिक्षण संस्थान का रजिस्ट्रेशन कराना होगा दरअसल बिहार के शिक्षा विभाग ने बिहार कोचिंग संस्थान नियंत्रण और विनियम नियम वाली 2023 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है विभाग द्वारा लोगों ने उनके सुझाव भी मांगे हैं और एक सप्ताह के बाद नियम वाली को लागू कर दिया जाएगा नियमवाली जारी होने के 30 दिन के अंदर कोचिंग संचकालों को रजिस्ट्रेशन के लिए अप्लाई करना अनिवार्य होगा अब किसी भी कोचिंग संस्थान के आवेदन पर कोचिंग में छात्र-छात्राओं को मिलने वाली सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए जिला पंजीकरण समिति द्वारा आवेदन करने वाले कोचिंग संस्थान के रजिस्ट्रेशन पर फैसला लेना होगा इतना ही नहीं अगर कोचिंग द्वारा अप्लाई किए जाने के रजिस्ट्रेशन रद्द होता है और अगर कोचिंग का संचालन होता रहता है तो उसकी संपत्ति जप्त कर ली जाएगी साथ ही 6 माह के अंदर अगर कोचिंग संचालक द्वारा जुर्माना नहीं भरा जाता है तो संपत्ति की नीलामी भी कर दी जाएगी कुल मिलाकर या कहना सही होगा कि अब बिहार में सिर्फ शिक्षा विभाग द्वारा रजिस्टर्ड कोचिंग संस्थान ही संचालित हो सकेंगे








