डेढ़ लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने के लिए काम कर रही हमारी सरकार : पुष्कर सिंह धामी

चमोली (उत्तराखंड), 13 नवंबर (आईएएनएस)। भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में आयोजित राज्य स्तरीय ग्रामीण उद्यमिता विकास कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कहा कि सरकार 2025 तक डेढ़ लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है।

भराड़ीसैंण में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ग्रीष्मकालीन राजधानी में इस कार्यशाला का आयोजन होना अपने-आप में ऐतिहासिक है। सरकार कार्यशाला में प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से अमल करते हुए ग्रामीण उद्यमियों के सामने आने वाली सभी समस्याओं का समाधान निकालेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पहले ही दिन से सरलीकरण, समाधान और निस्तारण के मंत्र पर चल रही है। इसके सकारात्मक परिणाम अब नजर आने लगे हैं। विगत तीन साल के दौरान स्वरोजगार के क्षेत्र में कई काम हुए हैं। किसी भी काम के शुरुआत में कठिनाई तो आती ही है। लेकिन, अब महिलाएं और युवा स्वरोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने लगे हैं। सरकार की विभिन्न योजनाओं के चलते अब तक प्रदेश में एक लाख से अधिक महिलाएं लखपति बन चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान भू-कानून और पलायन को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने भू-कानून के संबंध में कहा, “इसे लेकर कमेटी बनाई गई है, जिसके तहत काफी काम हुए हैं। आज हम लोगों ने इस पर क्रमवार रूप से चर्चा की है और आगे भी की जाएगी। कमेटी ने काफी काम संपन्न कर लिए हैं। इस संबंध में सुझाव भी लिए गए हैं। इसे हम सही दिशा में लागू करेंगे। राज्य में जमीनों का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हुआ है, जिसे लेकर अब हम सख्ती की मुद्रा में हैं। इस संबंध में जितनी भी शिकायतें हैं, उसका निस्तारण कर रहे हैं। इस विषय पर कई वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने सुझाव दिए हैं। आगामी दिनों में हम हितधारकों के भी सुझाव लेंगे और इसके बाद आगे की रूपरेखा निर्धारित करेंगे, ताकि राज्य में एक सशक्त भू-कानून लागू किया जा सके।”

सुरक्षा परिषद सुधार प्रक्रिया आगे बढ़ी है, फ्रेमवर्क पेश किया है : यूएनजीए अध्यक्ष

पलायन के मुद्दे पर उन्होंने कहा, “हमारी सरकार पलायन रोकने के लिए प्रतिबद्ध है। स्वरोजगार से बड़े पैमाने पर पलायन रुका है। इसे हम आगामी दिनों में और ज्यादा प्रभावी बनाएंगे।”

–आईएएनएस

एसएचके/एकेजे

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *