विस्तृत जानकारी से ही मानवाधिकार की रक्षा संभव

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी बोकारो : राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता अनूप कुमार साव के द्वारा अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर एक बैठक कर महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। अनूप कुमार बोकारो जिले के बेरमो प्रखंड के जरीडीह बाजार निवासी है। MBA करने के उपरांत मुंबई शहर में इन्होंने 10 साल कॉरपोरेट अनुभव कई बड़ी कंपनियों के माध्यम से प्राप्त किया है। वर्तमान में विधि विशेषज्ञ के रूप में अभ्यास कर रहे है। बेरमो के प्रचलित समाज सेवी एवं सामाजिक सेवा एवं मानवाधिकार के क्षेत्र में वशिष्ट कार्यों में प्रदर्शन के कारण इन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवेशन में सम्मानित किया जा चुका है। यह एक RTI एक्टिविस्ट एवं भ्रष्टाचार के विरुद्ध Whistler Blower के रूप में अपनी छवि को कायम करने में कामयाब रहे है। इन्होंने बतलाया कि मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु पर उन्हें कई अधिकार प्राप्त है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र ने मानवाधिकार आयोग की स्थापना विश्व के कई देशों में किया।भारत मे भी 1993 में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की स्थापना हुई जिसका मुख्य उद्देश्य मानवाधिकार की रक्षा करना है ।संयुक्त राष्ट्र संघ के सार्वभौमिक घोषणा पत्र में उल्लेखित उन 30 मानव अधिकारों से भी भारतीय संस्कृति में वसुधेव कुटुंबकम सर्वे भवंतु सुखेनः की परिकल्पना सर्वोच्च है।पिछले कुछ दिनों से दुनिया के अलग-अलग देशो में मानव अधिकारों के उल्लंघन के बढ़ते मामलों ने पूरी दुनिया को इनके की प्रासंगिकता और संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर सवालिया निशान लगा दिया है। दुनिया के साथ ही भारत में भी इस साल कई बार मानवअधिकारों का खुलेआम मखौल बनाया गया है। इसलिए मौजूदा समय मे मनवाधिकार की रक्षा करना सभी के लिए चुनौती का विषय बन गया है।मानवाधिकार की रक्षा तभी हो पाएगी , जब आप मानवाधिकार के बारे में विस्तृत जानकारी रखेंगे औऱ उसका प्रचार -प्रसार समाज के अंतिम व्यक्ति तक सही तरीके से हो सके साथ ही मानवीय कर्तव्यों का निर्वहन कर सके।छात्रों के पाठ्यक्रम में मानवाधिकार को महत्वपूर्ण विषय के रूप में शामिल करने की जरूरत है ताकि हर व्यक्ति मानवाधिकार से जागृत हो सके ।मानवीय कर्तव्य का यातार्थ साफ शब्दों में यह है कि हमे संस्कार युक्त होते हुए संवेदनशील होंना होगा साथ ही साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन बखूबी से करने की जरूरत है।असल मानवाधिकार की रक्षा तभी संभव हो सकेगी जब हम सभी के बीच सर्वे भवंतु सुखिनः की भावना का प्रसार हो और अंतर्मन से संवेदनशील हो कर कर्तव्यों का निर्वहन करें।
इनकी संस्था नेशनल ह्यूमन राइट्स एंड क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (एन एच आर सी सी बी),बतौर भारत की एक जिम्मेदार ग़ैर सरकारी मानवाधिकार संस्था होने के नाते मानवधिकार की सतत रक्षा प्रचार प्रसार हेतु सतत प्रयासरत है ,संस्था के 25000 से भी अधिक साथियों के सहयोग एवँ समर्पण से पिछले 8 वर्षों में लाखो पीड़ितों, शोषितों, वंचितों एवं मानवाधिकार हनन पीड़ितों को न्याय मिली है ।समाज के निचले पायदान पर खड़े लोगो में मानवाधिकार के प्रति जागरूकता लाने के लिए संस्था ने व्यापक पहल किए है ।संस्था की पहुँच महानगरों तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह बीहड़ पिछड़े इलाके के गाँव तक भी है । हज़ारो साथियों की मज़बूत उपस्थिति ने एन एच आर सी सी बी को आज भारत के अग्रणी संस्था के रूप में स्थापित कर दिया है।आज सभी देश वासियों को मानवाधिकार दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई देता हूँ। समस्त देशवासियों से अपील करता हूँ की आइए आप सब भी मुहिम से जुड़कर उत्कृष्ट समाज निर्माण एवं अपराध मुक्त समाज का हिस्सा बनें।
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