देश में वक्फ बोर्ड हैं तो सनातन बोर्ड भी बनाया जाए : महामंडलेश्वर नवल किशोर दास

नई दिल्ली, 21 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली संत महामंडल के 25 वर्ष पूर्ण होने पर गुरुवार को संतों ने कई कार्यक्रम चलाए। इस मौके पर कई धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। महामंडलेश्वर नवल किशोर दास ने आईएएनएस से बात करते हुए सनातन बोर्ड की आवश्यकता पर जोर दिया।

महामंडलेश्वर नवल किशोर दास ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “दिल्ली संत महामंडल को स्थापित हुए 25 वर्ष पूर्ण हो गए हैं। इस दौरान हम बिना किसी लालच के सभी परंपराओं के संतों के साथ मिलकर मानवता की सेवा कर रहे हैं, सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं, और यह कार्य निरंतर जारी रहेगा। हमारा उद्देश्य है कि हमारा मन प्रसन्न और सुखी रहे, और इसके लिए स्वाध्याय, सत्संग और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए औषधि की आवश्यकता है। लोग सत्संग और कथा के माध्यम से अपने मन को शुद्ध करते हैं, और शरीर के स्वास्थ्य के लिए भी औषधियों का सेवन जरूरी है। इस उद्देश्य से हम तीन अमूल्य चलित औषधियों का प्रचार कर रहे हैं। एक गौ माता के लिए हैं और दो मनुष्यों के लिए हैं। पहले से एक चल रही थी, और एक और आज से शुरू हुई है। हम आगे भी समाज की सेवा करते रहेंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “सनातन बोर्ड के कार्यों को लेकर हम निरंतर सक्रिय हैं। धर्मनिरपेक्ष देश के रूप में भारत में वक्फ बोर्ड तो है, लेकिन सनातन बोर्ड क्यों नहीं हो सकता? या तो वक्फ बोर्ड को समाप्त कर दिया जाए, क्योंकि वर्तमान में जिन अधिकारों के साथ वह कार्य कर रहा है, क्या वह हमेशा सही है? हम यह मांग कर रहे हैं कि सनातन धर्म के प्रबंधन का काम सरकार क्यों करेगी? हम इसे स्वयं करना चाहते हैं। यदि सरकार इसे नहीं समझती, तो सनातन बोर्ड की आवश्यकता नहीं है। बत्तीस से चालीस हजार मंदिरों को तोड़कर मस्जिदों का निर्माण किया गया है, इसके लिए हमने प्रमाण और कानून के आधार पर संघर्ष किया है। हम इसी तरह से अपने अधिकारों की पुनः प्राप्ति के लिए प्रयासरत रहेंगे और आगे भी करते रहेंगे।”

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–आईएएनएस

पीएसएम/एकेजे

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