बालकों से सम्बन्धित नालसा स्कीम के संबंध में जागरूकता शिविर का आयोजन

मीडिया हाउस न्यूज एजेन्सी सोनभद्र-अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र शैलेन्द्र यादव ने अवगत कराया है कि उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार एवं जनपद एवं सत्र न्यायाधीश रवीन्द्र विक्रम सिंह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र के आदेशानुसार आज शैलेन्द्र यादव, अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र द्वारा बाल दिवस के अवसर पर राजकीय बाल सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) मीरजापुर का निरीक्षण तथा Child friendly legal services to the children and their protection, बालकों से सम्बन्धित नालसा स्कीम के संबंध में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
जनपद सोनभद्र में राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) संचालित नही है, अतः जनपद सोनभद्र से संबंधित विधि के विरूद्ध में बालक जनपद मीरजापुर में स्थित राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) में आवासित किये जाते है। निरीक्षण के दौरान राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) के प्रभारी अधीक्षक लल्लन प्रसाद केयर-टेकर एवं समस्त स्टॉफ उपस्थित रहें। आज राजकीय बाल सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) मीरजापुर में कुल 72 किशोर आवासित है, जिसमें जनपद सोनभद्र के 20 विधि के विरूद्ध बालक आवासित है। एवं 01 किशोर मेडिकल अवकाश पर बताया गया। उक्त सभी बालकों से उनके मामले एवं समस्याओं के बारे में पूछताछ किया गया। उक्त सभी द्वारा अवगत कराया गया कि उन्हे राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) मीरजापुर में किसी प्रकार की कोई असुविधा नही है। स्वास्थ्य ठीक है तथा खाने पीने का सामान निर्धारित मीनू के अनुसार प्राप्त होता है।
उक्त सभी बालकों से किशोर न्याय अधिनियम के तहत चल रही उनकी जाँच की प्रगति के संबध में पूछ-ताछ किया गया। प्रभारी अधीक्षक श्री लल्लन प्रसाद, सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) मीरजापुर, को निर्देशित किया गया कि राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) मीरजापुर की सफाई आदि की व्यवस्था प्रतिदिन कराना सुनिश्चित करें तथा किशोरों के भोजन आदि की व्यवस्था, उनके पढ़ाई, चिकित्सा, खेलने व मनोरंजन आदि का प्रबन्ध नियमानुसार सुचारू रूप से करना सुनिश्चित करें। इसके अलावा आज बाल दिवस के अवसर सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) मीरजापुर में निरूद्ध विधि के विरूद्ध बालको को शैलेन्द्र यादव, अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र द्वारा मेडल देकर उन्हे सम्मानित किया गया तथा उन्हे उनके विधिक अधिकारों के बारे में भी जागरूक किया गया।










