उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशन में ग्राम्य विकास योजनाओं को मिली नई रफ्तार

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी लखनऊ-उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में ग्राम्य विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी, पारदर्शी एवं तेज गति से किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य ग्रामीणों का सतत विकास एवं अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान करें और विकास कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरती जाए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार गांव व गरीबों के उत्थान के लिए दृढ़ संकल्पित है और इसके लिए निरतंर प्रयास कर रही है। ग्राम्य विकास विभाग द्वारा मुख्य रूप से मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना/मुख्यमंत्री आवास योजना -ग्रामीण, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना आदि प्रमुख योजनाएं संचालित की जा रही है, जिसमें उत्तर प्रदेश ने लगातार पिछले कई वर्षों से अच्छी प्रगति किया है तथा कई योजनाओं/घटको के क्रियान्वयन में देश में प्रथम स्थान पर बना हुआ है।
ग्राम्य विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश ने मानव दिवस सृजन में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए रोजगार सृजन हेतु ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वार्षिक भौतिक लक्ष्य 26 करोड़ मानव दिवस निर्धारित किया गया, जिसके सापेक्ष प्रदेश द्वारा 33.65 करोड़ मानव दिवस सृजित किए गए। मानव दिवस सृजन में प्रदेश, देश में प्रथम स्थान पर रहा। बीते वर्ष 2024-25 में उत्तर प्रदेश राज्य देश में सर्वाधिक व्यय करने वाला राज्य रहा। वर्तमान वित्तीय वर्ष में मानव दिवस सृजन में महिला सहभागिता 43% है, जो कि ऐतिहासिक प्रगति है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में 20 करोड़ मानव दिवस सृजन का लक्ष्य है, इस वर्ष लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 12.76 करोड़ मानव दिवस सृजित किये गये हैं, मनरेगा मे चालू वर्ष में अब तक महिलाओं द्वारा 5.47 करोड़ मानव दिवस सृजित किये गये हैं।
हरित विकास और खेल अवसंरचना में उल्लेखनीय प्रगति हुयी है।प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2025-26 में 13.21 करोड़ पौधों का रोपण किया गया है, जिसमें से 98.75% पौधों की जिओ टैगिंग वन विभाग की हरीतिमा एप पर कर दी गयी है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 6589 खेल मैदान का कार्य पूर्ण किया गया एवं वर्तमान वित्तीय वर्ष में 13,196 खेल मैदान पर कार्य प्रगतिशील हैं। बीते वित्तीय वर्ष में 100 दिन का रोजगार पाने वाले परिवारों में यूपी शीर्ष पर रहा। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 6.19 लाख परिवारों को 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया गया जो कि देश में सर्वाधिक रहा एवं यूपी मनरेगा के इतिहास में रहा सर्वाधिक रहा (कोविड काल को छोड़कर)। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 65.28 लाख परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।श्रमिक पंजीकरण एवं सामाजिक सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।90 दिवसों का कार्य कर चुके श्रमिकों का पंजीकरण बी.ओ.सी.डबल्यू. बोर्ड में कराया जा रहा है, जिससे श्रमिकों को 17 प्रकार की विभिन्न योजनाओ का लाभ मिल सके। प्रदेश में अब तक 14.47 लाख मनरेगा श्रमिकों का पंजीकरण बी.ओ.सी.डबल्यू. बोर्ड में कराया जा चुका है।










