खनन न्यूज-आखिर कब रुकेगा खनिज का अवैध परिवहन धन्धा.? करोड़ों रुपए का कैमरा युक्त चेक गेट्स लगे होने के बाद अवैध धन्धा जारी.?


मुकेश गुरूदेव, मीडिया हाउस महोबा– बिना रॉयल्टी चलने वाली दो गाड़ियां दोनों गाड़ियों में पहले से खनिज के चालान भी थे दोनों गाड़ियों को एआरटीओ महोबा द्वारा बंद किए जाने से खनिज की कार्य शैली पर लग रहा हैं सवालिया निशान आखिर कब रुकेगा खनिज का अवैध परिवहन सरकार को लाखों के राजस्व पर चूना लगाने वाले आखिर खनिज विभाग की टीम की पकड़ से क्यों दूर हैं या फिर इन्हीं के कर कमलों से ही फल फूल रहा है यह गोरख धंधा.?
क्योंकि लगभग एक सप्ताह होने जा रहा है वरिष्ठ खान अधिकारी साहब द्वारा जिलाधिकारी महोबा के निर्देश पर एक टीम बना कर सचल टीम के रूप मे खनिज विभाग के कुछ अधिकारी व कर्मचारियो को लगाया गया लेकिन इस खनिज टीम के हाथ एक भी बिना रॉयल्टी चलने वाली गाड़िया हाथ नहीं लगी जबकि सैकड़ों गाडियां प्रतिदिन इस गोरख धंधे को अंजाम देती नजर आती हैं कुछ दिन पहले 3 फरवरी को उप जिलाधिकारी महोबा द्वारा एक गाड़ी को नहदौरा के पास बिना वैध प्रपत्र के पकड़ा इसके बाद जिस प्लांट से उक्त गाड़ी लोड हुई थी उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया.?
इसके पहले वरिष्ठ खान अधिकारी साहब एक जांच को जा रहे थे तो आधा दर्जन से ज्यादा गाड़ियां बिना वैध प्रपत्र के पकड़ी थी उन पर भी मुकदमा दर्ज करा कानूनी कार्यवाही की गई थी लेकिन खनिज विभाग के जिन अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी फील्ड में रहती हैं आखि़र उनकी पकड़ से ये गाड़ियां दूर क्यों रहती है यह सोच व चर्चा का विषय है.? क्योंकि सभी गाड़ियां खनिज चैक पोस्ट से होकर ही गुजरती है साथ ही करोड़ो रुपए खर्च कर शासन प्रशासन ने अवैध परिवहन रोकने के लिए कैमरा युक्त चैक गेट्स भी बनाए गए और उनकी निगरानी हेतु मुख्यालय सहित जिले में कमानसेंटर भी बनाए गए फिर भी यह गोरख धंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा है
इसी कड़ी में कल एआरटीओ महोबा द्वारा गाड़ियों की चेकिंग की जा रही थी कि दो भारी ओवरलोड up 35ct0735 व 0736 दोनों गाड़ियों को चैक किया तो जांच में पाया गया कि दोनों गाड़िया खनिज का अवैध परिवहन कर रही थी और दोनों गाड़ियांखनिज के बिना वैध प्रपत्र के थी साथ ही दोनों गाड़ियों में खनिज विभाग के चालान भी कटे थे जिससे उनमें रॉयल्टी ही नहीं निकल सकती है फिर भी दबंगई से खुलेआम जा रही थी।

सोनभद्र-अवैध परिवहन, बिना परमिट को लेकर लोगों में आक्रोश व विरोध था कि विभागीय अधिकारियों की मिली भगत से तथाकथित लोगों की ओवरलोड गाड़ियों बिना परमिट के गाड़ियों के संचालन खुलेआम हो रहा है.? प्रमुख सचिव से लोगों ने शिकायत किया, मुख्यमर्ग से बैरियर हटा, बैरियर हटते के साथ ही पुनः लोकेशन का धंधा शुरू, लोगों को विरोध खत्म, बेरोक टोक धंधा जारी.! सूत्रों की माने तो खनन विभाग द्वारा करोड़ों रुपए की लागत से जगह-जगह पर कैमरा युक्त चेक गेट्स बनाए गए व लगाए गये हैं, इस कमरे से अवैध ओवरलोड गाड़ियों के संचालक हेतु विभागीय अधिकारियों द्वारा निगरानी की जाती है, बावजूद उसके अवैध ओवरलोड बिना परमिट की गाड़ियों का धंधा जारी है विभाग द्वारा जांच के दौरान जो वाहन पकड़ा रहे हैं उसे पर कार्रवाई हो रही है.? शेष सेटिंग वालों की बल्ले बल्ले.? जिसका नतीजा खुलेआम नियमों को ताक पर रखकर धज्जियां उड़ाते हुए ओवरलोड धन्धा जारी है.? जबकि मुख्यमंत्री द्वारा बार-बार समीक्षा बैठक के दौरान लोडिंग पॉइंट से ही ओवरलोड न देने की सख्त आदेश निर्देश के बाद भी.? मुख्यमंत्री आदेश निर्देश की बात हवा हवाई साबित हो रहा है.?










