116 कंपनियों ने दिए 15,000 पदों पर रोजगार के अवसर

मीडिया हाउस लखनऊ- प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बुधवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में आयोजित ‘वृहद रोजगार मेला-2026’ का भव्य शुभारंभ किया। यह आयोजन प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को कौशल आधारित रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया, जिसमें चार मंडलों के हजारों अभ्यर्थियों ने भाग लिया तथा 100 से अधिक राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए,l

कार्यक्रम के दौरान मंत्री अग्रवाल ने आईटीआई एवं कौशल विकास मिशन से प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार एवं स्वरोजगार हासिल कर चुके युवाओं से संवाद किया और उनके अनुभव सुने। उन्होंने कहा कि ऐसे युवा प्रदेश के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। मंत्री अग्रवाल ने विभिन्न कंपनियों के स्टॉलों का अवलोकन करते हुए युवाओं का उत्साहवर्धन किया तथा कंपनियों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि चयनित अभ्यर्थियों को उसी दिन जॉब लेटर प्रदान किए जाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि वेतन, कार्यस्थल, रहने की व्यवस्था एवं अन्य शर्तों की पूरी जानकारी पहले से ही पारदर्शी रूप में दी जाए, ताकि युवाओं को किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे।

इस अवसर पर कपिल देव अग्रवाल ने कौशल विकास तंत्र को आधुनिक और डिजिटल बनाने की दिशा में तीन महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म‘कौशल दृष्टि’, ‘कौशल दर्पण’ और ‘कौशल दोस्त’- का शुभारंभ किया। ‘कौशल दृष्टि’ एक निरीक्षण आधारित मोबाइल एप्लीकेशन है, जिसके माध्यम से प्रदेश के कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की निगरानी रियल-टाइम में की जा सकेगी। इस ऐप के जरिए प्रशिक्षुओं की उपस्थिति, प्रशिक्षण केंद्रों की आधारभूत संरचना तथा प्रशिक्षण की गुणवत्ता से संबंधित जानकारी तुरंत प्राप्त होगी।

केवल चालान समाधान नहीं, आदतन नियम तोड़ने वालों के लाइसेंस जब्त और वाहन सीज करने की सख्त नीति लागू करें-मुख्यमंत्री

‘कौशल दर्पण’ एक उन्नत एआई आधारित डैशबोर्ड है, जो कौशल विकास से संबंधित विभिन्न सूचनाओं को एकीकृत रूप में प्रस्तुत करता है। इसमें उत्तर प्रदेश का डिजिटल मानचित्र, कुल जनसंख्या, सक्रिय प्रशिक्षण प्रदाताओं की संख्या तथा प्रमुख रोजगारपरक सेक्टरों की झलक उपलब्ध होती है। ‘कौशल दोस्त’ एक चैटबॉट आधारित डिजिटल सुविधा है, जो UPSDM पोर्टल पर 24×7 उपलब्ध रहकर उपयोगकर्ताओं को त्वरित सहायता प्रदान करती है। इसके माध्यम से अभ्यर्थी प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सरकारी योजनाओं, पंजीकरण प्रक्रिया एवं रोजगार के अवसरों से संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री अग्रवाल ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता केवल डिग्री से नहीं, बल्कि कौशल, आत्मविश्वास और प्रभावी संवाद क्षमता से मिलती है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे झिझक और आत्मसंकोच को त्यागकर अपनी क्षमता पर विश्वास करें और पूरी ऊर्जा के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें। उन्होंने यह भी कहा कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और अपने कार्य के प्रति समर्पण ही सफलता की कुंजी है।

मंत्री अग्रवाल ने युवाओं को यह भी सलाह दी कि वे अपने करियर को लेकर धैर्य रखें और बिना बेहतर अवसर के नौकरी छोड़ने से बचें। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल नौकरी प्राप्त करने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजन करने वाला उद्यमी बनाना है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कौशल विकास के क्षेत्र में देश में अग्रणी बन रहा है। राज्य सरकार द्वारा रोबोटिक्स, ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 3डी प्रिंटिंग, सोलर एनर्जी एवं इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे युवाओं को उद्योगों की बदलती मांग के अनुरूप तैयार किया जा सके।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 35 करोड़ से अधिक की धनराशि की स्वीकृति की गई प्रदान

प्रमुख सचिव डॉ हरिओम ने अपने संबोधन में बताया कि प्रदेश में वर्तमान में लगभग 350 आईटीआई संचालित हैं, जिनमें से अधिकांश सरकारी हैं, जबकि कुछ निजी सहभागिता के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 22 नई आईटीआई तैयार हो चुकी हैं, जिनमें लगभग 10,000 विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि आगामी सत्र में 30 और आईटीआई प्रारंभ करने की योजना है। उन्होंने कहा कि आईटीआई में प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने, आधुनिक तकनीकी कार्यशालाओं की स्थापना और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि रोजगार मेले में डिजिटल पंजीकरण के लिए क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था लागू की गई है, जिससे अभ्यर्थियों को लंबी कतारों से राहत मिली है। उन्होंने बताया कि मेले में लगभग 80 बड़ी कंपनियां और 30-40 स्थानीय कंपनियां विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार प्रदान कर रही हैं। चयन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद योग्य अभ्यर्थियों को उसी दिन ऑफर लेटर प्रदान करने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि कौशल विकास मिशन के अंतर्गत प्रदेश भर में लगभग 2000 प्रशिक्षण भागीदारों के माध्यम से लाखों युवाओं को अल्पकालिक व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे उन्हें शीघ्र रोजगार प्राप्त करने में सहायता मिल रही है।

इस वृहद रोजगार मेले में दिव्यांगजन, महिलाओं और ‘जीरो पावर्टी’ (अत्यधिक गरीब) श्रेणी के युवाओं की मेले में भारी भागीदारी रही। मेले में 116 कम्पनियों के द्वारा 15,000 रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया संचालित की गई। इस मेले में 8694 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया जिनमें से 2527 युवाओं को जॉब ऑफर मिला, जिसमें 473 महिलाओं ने भी मैन्युफैक्चरिंग, आईटी और सर्विस सेक्टर जैसे क्षेत्रों में अपनी योग्यता से नौकरी पाई। ‘जीरो पावर्टी’ श्रेणी के अंतर्गत आने वाले परिवारों के 56युवाओं के लिए यह दिन उनके जीवन का ‘टर्निंग पॉइंट’ साबित हुआ, उन्हें यहाँ से एक सम्मानित करियर शुरू करने का मौका मिला।

व्यापारी हित में संगठन का मजबूत होना आवश्यक है।अरविंद गांधी

दिग्गज कंपनियों का जमावड़ा और आकर्षक अवसर मेले में टाटा, हीरो,स्वीगी, फ्लिपकार्ट और लॉजिस्टिक्स व हेल्थकेयर सेक्टर की 100 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों ने हिस्सा लिया। इन कंपनियों ने आईटीआई (ITI), पॉलिटेक्निक और कौशल विकास मिशन से ट्रेनिंग ले चुके युवाओं का इंटरव्यू लिया। चयनित अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता के आधार पर 1.50 लाख रुपये वार्षिक के शुरुआती वेतन से लेकर 35-40 हजार तक की आकर्षक सैलरी पैकेज तक के ऑफर दिए गए।

इस अवसर पर अनिल वर्मा संयुक्त निदेशक, मयंक गंगवार संयुक्त निदेशक, डा. मिथिलेश कुमार सिंह, सहायक निदेशक, रोजगार मेला नोडल अधिकारी डा. पवित्रा टण्डन, सहायक निदेशक सहित लखनऊ मण्डल के प्रधानाचार्य, एम.आई.एस. प्रबन्धक एवं आई.टी.आई. तथा कौशल विकास की टीम उपस्थित थी

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *