माई की रसोई संचालक धीरज पांडेय पर राजस्थान में संगीन केस दर्ज, रजिस्टर्ड दस्तावेज हड़पने के आरोप से मचा हड़कंप

मीडिया हाउस न्यूज एजेन्सी मैहर- धार्मिक नगरी मैहर में “माई की रसोई” के नाम से पहचान रखने वाले धीरज पाण्डेय अब गंभीर कानूनी विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के कारोई थाना में धीरज पाण्डेय के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) और 304(2) के तहत मामला दर्ज होने के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

भीलवाड़ा निवासी जोगेन्द्र सिंह ठाकुर ने न्यायालय में पेश इस्तगासे में आरोप लगाया है कि वर्ष 2016 में बना एक रजिस्टर्ड मुख्तियारनामा धीरज पाण्डेय ने कथित तौर पर उसके बैग से निकालकर अपने कब्जे में रख लिया और बार-बार मांगने के बावजूद वापस नहीं किया। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि उसने व्हाट्सएप और फोन के जरिए कई बार दस्तावेज लौटाने की मांग की, जिस पर आरोपी द्वारा “भेजने” का आश्वासन दिया गया, लेकिन दस्तावेज आज तक वापस नहीं किया गया।
मामले में पीड़ित ने पहले कारोई थाना और फिर पुलिस अधीक्षक भीलवाड़ा को शिकायत भेजी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर न्यायालय की शरण ली। इसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट गंगापुर के आदेश पर कारोई थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थानाधिकारी राजूराम काला ने मामले की जांच सहायक उप निरीक्षक श्यामसुंदर विश्नोई को सौंपी है। इधर मैहर में यह मामला सुर्खियों में आते ही तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर रजिस्टर्ड दस्तावेज को लेकर ऐसा विवाद क्यों खड़ा हुआ और जांच में आगे कौन-कौन से राज सामने आएंगे। अब निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं, क्योंकि मामला सिर्फ दस्तावेज कब्जे का नहीं बल्कि भरोसे और कानूनी जिम्मेदारी पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।










