मुख्यमंत्री ध्यान दें.! सरकारी स्कूलों में बच्चों से हो रही है वसूली, शिक्षा विभाग मौन है.!
प्रिंसिपल से फीस ज्यादा लेने की शिकायत की तो प्रधानाध्यापक बच्चों को फेल कर देंगे।

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी पलामू-प्रखंड मनातू पंचायत चक के पीएम श्री +2 उच्च विद्यालय में लगातार बच्चो से अवैध वसूली हो रही है। अभी नामांकन एवं रजिस्ट्रेशन के नाम पर तय किए गए सरकारी शुल्क से 150 से 200 रपए अधिक लिए जा रहे है। और इसका रसीद भी बच्चो को नहीं दिया जा रहा है। तो कभी छात्रवृत्ति एवम आइडेंटी कार्ड के नाम पर बच्चो से 50-50 रुपए लिया जाता रहा है।
बच्चो से बात करने पे पता चला की ये धंधा पिछले 3 सालों से लगातार चल रहा है। डरे सहमे बच्चों ने दबे जबान में ये भी बताया की अगर हमलोग अपने प्रिंसिपल से फीस ज्यादा लेने और पढाई लिखाई समय से नही होने की शिकायत की तो प्रधानाध्यापक बच्चों को फेल कर देंगे। प्रधानाध्यापक डराते धमकाते है की अगर कोई बच्चा फीस रसीद मांगेगा तो उस बच्चे का नाम एक अलग रजिस्टर में लिख लेते है और उसे प्रैक्टिकल में फेल कर देंगे ऐसे बोलते है। बच्चों ने यहां तक बताया की अपने अभिभावक द्वारा स्कूल का फीस रसीद मांगने पर हमलोग ने जब प्रधानाध्यापक से मांगा तो उन्होंने कहा की रसीद अभी नहीं है। बिना रसीद दिए ही बच्चो पर पैसे देने का दबाव बनाते है और साथ ही साथ ये भी कहते है की अगर लेट होगा तो लेट फाईन भी लगेगा जो की 400 रुपए है।
इस मामले को लेकर जब मनातू प्रखंड के जिम्मेवार जनप्रतिनिधि (प्रमुख) एवं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से बात हुई तो उन्होंने भी माना कि यहां पर अवैध वसूली की जा रही है और भी कई अनियमता यहां पर बरती जा रही है। प्रमुख साहिबा ने बताया की स्कूल प्रशासन में अध्यक्ष का पद 3 सालों के लिए निर्धारित होता है लेकिन बिना किसी कारण के किसी के दबाव में और शिक्षा पदाधिकारी की मिलीभगत से लगातार सात सालों से एक व्यक्ति अध्यक्ष पद पर बने हुवे है। जबकि सरकार का यह सख्त निर्देश है कि 3 सालों के बाद उसके पूरे परिवार से कोई भी उस स्कूल का अध्यक्ष नहीं बन सकता है ।
प्रमुख साहिबा ने ये भी बताया की मैंने दो साल के अपने क्रम में लेटर पैड के माध्यम से 3 से 4 बार प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी को अवैध वसूली सहित अध्यक्ष पद की चुनाव कों लेकर भी अवगत कराई जिसमे प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी के द्वारा स्कूल की जांच भी की गई जिसमें सारे आरोप सच पाए गए फिर भी अभी तक शिक्षा विभाग के तरफ से कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है।
आपको बता दें कि मनातू प्रखंड के चक पंचायत में पीएम श्री प्लस टू उच्च विद्यालय में 26 शिक्षक हैं लेकिन बच्चों से पता चला कि समय से पहले ही बच्चों को छुट्टी कर दिया जाता है और उनकी पढ़ाई लिखाई भी सही से नहीं होती है। इनमें अधिकतर शिक्षक अनुपस्थित रहते है जिसकी जानकारी प्रधानाध्यापक को भी नहीं रहती है। कुछ अभिभावकों से बात करके पता चला कि अध्यक्ष पद का चुनाव न होना भी भ्रष्टाचार होने का एक बहुत बड़ा कारण हो सकता है जिसकी वजह से प्रधानाध्यापक और अध्यक्ष और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मिली भगत से बच्चों से अवैध पैसे लिए जा रहे हैं। लोगों की माने तो मुख्यमंत्री को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई करनी चहिए।











