प्लांटों के मानकों की जांच-पंकज स्टोन, नंदलाल स्टोन पर कार्यवाही, कई प्लांटों विधुत कनेक्शन कटे, जांच जारी.!
साम 5 से रात्रि 10 तक बंदी के आदेश के बावजूद चलते मिले प्लांट.!

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AKGupta. Media House डाला (सोनभद्र) जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह के निर्देश पर बिल्ली मारकुंडी क्षेत्र में स्थापित व संचालित लगभग 250 क्रशर प्लांटों की जांच हेत आठ सदस्यीय संयुक्त टीम ने स्टोन क्रशरों का विद्युत कनेक्सन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनापत्ति, उद्योग विभाग की अनापत्ति, जिला पंचायत में पंजीयन, उपखनिज की भण्डारण अनुज्ञप्ति आदि प्लांटों के कागजातों की जांच तीसरे दिन भी जारी रही। लगभग 21 क्रशर प्लांटों की जांच हुई, फोटोग्राफी कराई गई। दो क्रशर पर कार्रवाई की गई, कई प्लांटों के विद्युत कनेक्शन काटे गए।

उप जिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह ने बताया कि क्रशर प्लांटो पर बाऊड्रीवाल, कनवेयर बेल्ट पर पर्दा, फूहारा मशीन आदि कागजातों एवं मानकों की जाँच की जा रही है। जिसके तहत आस्था इंटरप्राईजेज पर बिजली कनेक्शन दूसरे के नाम से चल रहा था, जिसके कारण प्लांट का बिजली कनेक्शन तुरंत काटा गया है। लंगड़ा मोड़ पर स्थित पंकज स्टोन का भी बिजली का कनेक्शन दूसरे फर्म के नाम से है और भंडारण न होने के कारण प्लांट को सीज किया गया है। लंगड़ा मोड पर स्थित नन्दलाल स्टोन क्रशर प्लांट शाम 6 बजे चलता पाया गया जो कि साम 5 बजे से रात्रि 10 बजे तक बंद करने का आदेश है नियम का उल्लंघन करते पाया गया और प्लांट पर प्रदूषण की रोकथाम की समुचित ब्यवस्था न होने के कारण प्लांट को सीज किया गया है।
श्री सिंह ने बताया कि शारदा मंदिर के पीछे स्थित गुप्ता स्टोन वर्कस प्लांट का बिजली कनेक्शन कटने के बाद भी चुपे चोरी से अवैध रूप से बिजली कनेक्शन जोड़ कर प्लांट चलाने की मिली शिकायत के बावत उसकी जाँच किया जा रहा है।जांच जारी है। जांच टीम मे उपजिलाधिकारी ओबरा, उपायुक्त वाणिज्यकर, सोनभद्र, भूवैज्ञानिक/प्रभारी अधिकारी, क्षेत्रीय कार्यालय, सोनभद्र, अधिशासी अभियन्ता, विद्युत विभाग, ओबरा, जिला उद्योग अधिकारी सोनभद्र, क्षेत्रीय अधिकारी, उ.प्र.प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सोनभद्र, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत सोनभद्र, खान निरीक्षक /सर्वेक्षक सोनभद्र की टीम मौजूद रही।

चर्चा-नाले की जमीन पर कब्जा करने वाले प्लांटों पर भी हो सख्त कार्यवाही.!
सोनभद्र-सूत्रों की माने तो लंगड़ा मोड़ स्थित कई प्लांट संचालकों द्वारा नाले की भूमि को भस्सी मिट्टी से पाठ कर प्लांटों का विस्तार कर संचालन किया जा रहा है.! जबकि नदी नाले से सटे क्रशर प्लांटों को लगाने व संचालन पर रोक है.! किस प्रकार से उत्तर-प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सोनभद्र द्वारा उक्त प्लांटों को लगाने एवं सचालन करने की एनओसी जारी की गई है.! विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली संदिग्ध है.! जो जांच व चर्चा का विषय बना हुआ है कि आठ सदस्यीय टीम द्वारा उक्त नाले से सेट समस्त प्लांटों का निरीक्षण कर कार्यवाही करें.!











