दिल्ली में बीजेपी के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक, सत्ता में वापसी पर जताई खुशी

नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली में 27 साल बाद सत्ता में वापसी करने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेताओं ने रविवार को नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक की। इस दौरान पार्टी नेतृत्व ने राजनीतिक और सार्वजनिक जिम्मेदारियों को लेकर विधायकों का मार्गदर्शन दिया। बैठक में दिल्ली की सभी 48 विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज करने वाले विधायक शामिल हुए।

करावल नगर से बीजेपी विधायक कपिल मिश्रा ने इस जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का परिणाम बताया। उन्होंने कहा, “यह जीत पीएम मोदी के मॉडल की जीत है। जनता ने उनके वादों पर भरोसा किया है। जिस दिन पीएम मोदी ने कहा कि जनता हमें भी एक मौका दे, उसी दिन चुनाव का रुख बदल गया था।”

घोंडा विधानसभा से लगातार दूसरी बार विधायक बने अजय महावर ने कहा कि 27 साल बाद बीजेपी को दिल्ली में सत्ता मिली है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा, “शीर्ष नेतृत्व जल्द ही मुख्यमंत्री का नाम घोषित करेगा। हमारे पास अनुभवी पार्लियामेंट्री बोर्ड है, जिसने 20 राज्यों में नेता चुने हैं, यहां भी सही व्यक्ति का चयन किया जाएगा।”

बैठक के दौरान भाजपा नेता बांसुरी स्वराज ने भी पार्टी की जीत पर सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह जीत कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के विश्वास का नतीजा है।

बिजवासन विधानसभा क्षेत्र से नवनिर्वाचित विधायक कैलाश गहलोत ने कहा, “दिल्ली की जनता ने हम पर जो भरोसा जताया है, हमें उस पर खरा उतरना है। यह एक साधारण बैठक थी, जिसमें दिल्ली के रुके हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।”

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शकूर बस्ती से विधायक करनैल सिंह ने कहा, “सत्येंद्र जैन को मैंने नहीं, बल्कि पीएम मोदी पर जनता के भरोसे ने हराया है। पीएम मोदी ने दिल्ली के लिए जो विकास मॉडल पेश किया, जनता ने उस पर विश्वास जताया।”

बता दें कि भाजपा ने दिल्ली में 27 साल बाद स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों में से उन्होंने 48 सीटें जीती हैं, जबकि आम आदमी पार्टी को 22 सीटें मिली हैं। कांग्रेस का खाता नहीं खुला है। इससे पहले भाजपा ने 1993 में 49 सीट जीतकर दो तिहाई बहुमत हासिल किया था, जिसके बाद मदन लाल खुराना, साहिब सिंह वर्मा और सुषमा स्वराज मुख्यमंत्री बनीं। 1998 के बाद, कांग्रेस ने 15 साल तक शासन किया और 2013 से आम आदमी पार्टी ने सरकार बनाई थी। इस चुनाव में भाजपा ने 71 फीसदी स्ट्राइक रेट के साथ 40 सीटें जोड़ी हैं। पार्टी ने 68 सीटों पर चुनाव लड़ा था। दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी को 40 सीटों का नुकसान हुआ, और उनका स्ट्राइक रेट 31 फीसदी रहा।

भाजपा ने पिछले चुनाव (2020) के मुकाबले अपने वोट शेयर में 9 फीसदी से अधिक की वृद्धि की है, जबकि आप का वोट शेयर लगभग 10 फीसदी घटा है। कांग्रेस को कोई सीट नहीं मिली, लेकिन उन्होंने अपने वोट शेयर में 2 फीसदी की वृद्धि की है।

–आईएएनएस

पीएसएम/सीबीटी

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