पीएम मोदी के ‘प्रेरणा स्कूल’ से छात्रों का बढ़ रहा आत्मविश्वास, जताई खुशी

मेहसाणा, 15 जनवरी (आईएएनएस)। मेहसाणा जिले के वडनगर में स्थित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्कूल का केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा गुरुवार को लोकार्पण किया जाएगा। इस स्कूल को प्रेरणा स्कूल का नाम दिया गया है।

पीएम मोदी के ‘प्रेरणा स्कूल’ के कायाकल्प पर श‍िक्षकों और छात्रों ने खुशी जताई। त्रिपुरा से आई छात्रा अपूर्वा देवनाथ ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिल से धन्यवाद देना चाहती हूं। मुझे सबसे ज्यादा खुशी इस बात से हो रही है कि यहां आकर मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। पहले मुझे लोगों के सामने खुलकर बोलने में डर लगता था, लेकिन अब मैं अपनी बात बेहतर तरीके से कह सकती हूं।”

उन्होंने कहा, “पीएम मोदी के स्कूल आकर मुझे काफी अच्छा लगा है। मैंने यहां अन्य राज्यों के छात्रों से मुलाकात की और उनसे काफी कुछ सीखने का मौका भी मिला। इसके अलावा मैंने यहां आकर थ्रीडी प्रिंटिंग, पोस्टर बनाने के तरीके बारे में भी सीखा है।”

शिक्षा विभाग में संयुक्त सचिव अर्चना शर्मा अवस्थी ने कहा, “पहले यह स्कूल वडनगर के नाम से चलता था। पीएम मोदी ने भी अपनी प्राथमिक शिक्षा इसी स्कूल से हासिल की थी। शिक्षा विभाग द्वारा एक प्रेरणा प्रोग्राम चलाया गया है, जो एक अच्छा कदम है। यह कार्यक्रम भारत की संस्कृति और विरासत को नवीनतम तकनीक के साथ जोड़ता है।”

उन्होंने आगे कहा, “यह प्रोग्राम तीन चरणों पर आधारित है। पहला यह है कि यहां आने वाला छात्र खुद के बारे में जान सकेगा। इसके अलावा वह अपनी विरासत और देश के प्रति क्या कर सकता है, इसके बारे में जान पाएगा। यहां बच्चे उन्हीं कक्षाओं में पढ़ते हैं, जहां प्रधानमंत्री मोदी ने कभी बैठकर शिक्षा प्राप्त की थी।”

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बताते चलें कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी के गांव वडनगर में प्रेरणा कार्यक्रम शुरू किया है, इसके तहत प्रधानमंत्री के स्कूल का पुनर्व‍िकास गया है। इसके अलावा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के द्वारा स्कूल को भविष्य के लिए उन्‍नत शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित किया जा रहा है।

वडनगर में स्थित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्कूल का रिनोवेशन किया गया है और इसे प्रेरणा स्कूल के नाम से जाना जाएगा। जहां से लोग प्रेरणा ले सकेंगे।

72 करोड़ रुपये की लागत से बना यह स्कूल अनुभवात्मक शिक्षा प्रदान करेगा, जिसमें प्राचीन भारतीय ज्ञान को आधुनिक तकनीक के साथ एकीकृत किया जाएगा। इसमें 10 जिलों के 20 बच्चों को शिक्षा दी जाएगी।

–आईएएनएस

एफएम/सीबीटी

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