प्रकृति संस्कृति और रिश्तो का जीवंत संगम है करमा पर्व -लवली गुप्ता

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी पांकी- प्रखंड के ग्राम बघमरी में करमा पर्व के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम मे भाजपा नेत्री डा.लवली गुप्ता ने शिरकत किया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लवली गुप्ता ने कहा कि कर्म प्रकृति से जुड़ा हुआ पर्व है। इस पर्व में जल जंगल की पूजा होती है।झारखंड की लोक संस्कृति में करमा पर्व का विशेष स्थान रखता है।यह पर्व भादो मास की एकादशी को बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जानेवाला पर्व है । यह पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का भी पर्व है ।प्रकृति और संस्कृति दोनों ही हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं प्रकृति और संस्कृति का संगम हमें अपने जीवन में संतुलन और समृद्धि प्रदान करता है। जब हम प्रकृति और संस्कृति दोनों का सम्मान करते हैं और उनका संरक्षण करते हैं तो हम अपने जीवन को अधिक अर्थपूर्ण और समृद्ध बना सकते हैं आदिवासी समाज हमें प्रकृति से जोड़ता है।प्रकृति हमें जीवन के लिए आवश्यक संसाधन प्रदान करती है जबकि संस्कृति हमें अपने समाज और समुदाय के मूल्य और परंपराओं से जोड़ती है। मौके पर भगवती उरांव ,चंद्रिका उरांव ,वीरेंद्र पाहन, मुकेश उरांव ,सागर उरांव, मनजीत उरांव, रवि उरांव ,जीतेद्र उरांव, तारामणि देवी, बीफनी देवी, प्रियांशु कुमारी, प्रियंका कुमारी ,नेहा कुमारी, पूजा कुमारी सहित सैकड़ो लोग उपस्थित थे।










