मृतका की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा नहीं, बल्कि उसके पिता द्वारा ही गला दबाकर की गई थी।

मीडिया हाउस न्यूज एजेंसी सोनभद्र-पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देश एवं क्षेत्राधिकारी घोरावल राहुल पाण्डेय के कुशल पर्यवेक्षण में अपराध व अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाए जाने हेतु चलाए जा रहे अभियान के क्रम में थाना घोरावल पुलिस द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0 05/26 धारा 103(3) बीएनएस के प्रकरण में प्रभावी विवेचना करते हुए मामले का सफल अनावरण किया गया है।
प्रकरण में प्रारंभ में मृतका के पिता द्वारा 02 व्यक्तियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। विवेचना के दौरान संकलित साक्ष्यों, परिस्थितिजन्य तथ्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं तकनीकी साक्ष्यों के गहन विश्लेषण से यह तथ्य प्रकाश में आया कि मृतका की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा नहीं, बल्कि उसके पिता द्वारा ही गला दबाकर की गई थी।

जांच में यह भी सामने आया कि घटना के पश्चात आरोपी पिता द्वारा स्वयं को पीड़ित दर्शाते हुए पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से झूठा मुकदमा पंजीकृत कराया गया तथा उसकी पत्नी द्वारा भी इस अपराध में सहयोग किया गया। दिनांक 09.01.2026 को थाना घोरावल पुलिस द्वारा आरोपी पिता एवं उसकी पत्नी को उनके घर ग्राम महुआंव पाण्डेय से अन्तर्गत धारा 103(1), 238, 3(5) बीएनएस के तहत रामलखन उर्फ रवि उर्फ बाठे पुत्र पुद्दीन निवासी – ग्राम महुआंव पाण्डेय, थाना घोरावल, जनपद सोनभद्र, कृष्णावती पत्नी रामलखन उर्फ रवि उर्फ बाठे निवासी – ग्राम महुआंव पाण्डेय, थाना घोरावल, जनपद सोनभद्र गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से दोनों अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। प्रकरण में विवेचना जारी है।

बाल गृह बालिका के निरीक्षण के समय बाल गृह बालिका में कुल 45 बालिकायें आवासित थी।

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