आपातकाल संघर्ष गाथा-अभाविप सोनभद्र

कृपा शंकर पांडेय, मीडिया हाउस ओबरा/सोनभद्र-अखिल भारतीय विद्यार्थी के ओबरा नगर के कार्यकर्ताओं द्वारा आर्य समाज चौराहा से मसाल जुलूस निकाल कर कॉन्वेंट तिराहे पर समाप्त किया गया आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने पर मसाल जुलूस का आयोजन किया गया जिसका नेतृत्व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य शिखर सोनी ने किया.
विभाग संयोजक सोनभद्र सौरभ सिंह पंकज ने बताया कि आपातकाल, भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक ऐसा काला अध्याय है जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अवैध रूप से अपनी सत्ता बनाये रखने के लिए न केवल नागरिक अधिकारों को कुचला, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, न्यायपालिका की स्वतंत्रता और प्रेस की स्वतंत्रता पर भी प्रहार किया। यह वह समय था जब तत्कालीन कांग्रेस सरकार की सत्ता की लालसा ने संविधान की मर्यादाओं को ताक पर रख गिया और देश को एक अधिनायकवादी शासन की ओर धकेल गिया जिला संयोजक ललितेश मिश्रा एवं अनमोल सेठ ने संयुक्त रूप से बताया कि आज, जब हम स्वतंत्रता और लोकतंत्र का उपभोग कर रहे हैं, यह आवश्यक है की हम उस त्रासदी से सबक लें, जिससे न केवल देश की आत्मा घायल हुई थी, बल्कि लाखों नागरिकों का मनोबल भी टूटा था। इस अवसर पर अभय मौर्या नील प्रताप सत्यम सिंह मोहित यादव रोहित पासवान आशीष सोनकर मनीष यादव रवि शिवम रक्षित राज अर्पित यादव रोहन राव अजय सूरज अलोक आकाश आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे










